साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टीम को अपने घर पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-2 से करारी हार झेलनी पड़ी थी. यह पिछले 12 महीनों में भारत की दूसरी घरेलू टेस्ट सीरीज हार रही. दोनों ही मौकों पर भारतीय टीम का टेस्ट सीरीज में सूपड़ा साफ हुआ. इसे टीम इंडिया के टेस्ट इतिहास का सबसे कमजोर दौर कहा जा रहा है.
साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली टेस्ट सीरीज हार से टीम इंडिया के पूर्व कप्तान कपिल देव काफी खफा हैं. कपिल देव मौजूदा भारतीय टेस्ट टीम पर बरस पड़े. टेस्ट सीरीज में भारतीय बल्लेबाज साउथ अफ्रीका की संतुलित गेंदबाजी आक्रमण के सामने पूरी तरह फेल रहे. ऑफ स्पिनर साइमन हार्मर की गेंदबाजी का भारतीय बल्लेबाज तोड़ नहीं खोज पाए और वो ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ भी बने. इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों की स्पिन के खिलाफ कमजोरी उजागर हुई, जिस पर कपिल देव ने टीम के खिलाड़ियों की तैयारी पर ही सवाल उठा दिए.
कपिल देव ने कहा कि आज के खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में अलग-अलग तरह की पिचों पर खेलने से बच रहे हैं, जबकि पुरानी पीढ़ी के खिलाड़ी वहीं से तकनीक और मानसिक मजबूती हासिल करते थे. कपिल देव ने कहा, ‘मैं जानना चाहता हूं कि आज के कितने टॉप खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं. अगर आप डोमेस्टिक क्रिकेट में क्वालिटी गेंदबाजों का सामना नहीं करेंगे, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष करेंगे.’
1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के कप्तान ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स में हुए पहले टेस्ट की पिच पर भी नाराजगी जताई, जहां मुकाबला तीन दिन में खत्म हो गया था. कपिल देव ने कहा कि आजकल फोकस टी20 और ओडीआई पर ज्यादा है और बल्लेबाज मुश्किल पिचों पर खेलने की आदत खो चुके हैं.
कपिल देव कहते हैं, ‘ऐसी पिच का क्या फायदा जहां टॉस हारो और मैच हारो. जहां कोई टीम 200 भी पार ना कर पाए. यह टेस्ट क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है. स्पिन और सीम दोनों को मदद करने वाली पिचों पर खेलने के लिए धैर्य और अलग स्किल की जरूरत होती है, ये चीजें मौजूदा दौरे के खिलाड़ी विकसित नहीं कर पा रहे हैं.’
