मुरादाबाद। शहर की प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक “चड्ढा कोठी” को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति पर कथित कब्जे की साजिश, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, आपराधिक षड्यंत्र रचने, दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में आठ लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता इंद्रजीत सिंह चड्ढा, निवासी कोठी नंबर-455, सिविल लाइंस, मुरादाबाद ने आरोप लगाया है कि वह उक्त संपत्ति के वैध स्वामी एवं कब्जेदार हैं। उनके परिवार ने वर्ष 1969 में विधिवत बैनामे के माध्यम से यह संपत्ति खरीदी थी और तब से लगातार परिवार के कब्जे में है। शहर में यह संपत्ति “चड्ढा कोठी” के नाम से जानी जाती है।
शिकायत में कहा गया है कि एक संगठित गिरोह ने सुनियोजित तरीके से लगभग 100 करोड़ रुपये मूल्य की इस बहुमूल्य संपत्ति को हड़पने का प्रयास किया। आरोप है कि नामजद लोगों ने आपसी मिलीभगत कर फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और न्यायालय में झूठे दावे प्रस्तुत किए। इसके लिए वर्ष 2005 के एक सिविल वाद में कथित पारिवारिक समझौते का सहारा लिया गया, जिसे शिकायतकर्ता ने पूरी तरह फर्जी बताया है।
मुकदमे में डॉ. रंजना धवन एवं मुदित धवन निवासी एचआईजी डी-3, दीनदयाल नगर फेज-1, एमडीए कॉलोनी, सिविल लाइंस, मुरादाबाद, विविन कुमार धवन निवासी बल्लभ स्ट्रीट, मंडी चौक, मुरादाबाद, बीना तलवार निवासी 32, वेस्ट शालीमार बाग, नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली, तथा सुधीर कुमार धवन, सुनील कुमार धवन, सुमित धवन और अंकित धवन निवासी बल्लभ मोहल्ला, मंडी चौक, मुरादाबाद को नामजद किया गया है।
एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि नामजद लोगों ने न केवल चड्ढा कोठी बल्कि अन्य बहुमूल्य संपत्तियों पर भी दावा करने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उन्होंने कथित फर्जीवाड़े का विरोध किया तो आरोपियों ने उन्हें धमकाया और संपत्ति बचाने के एवज में दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। आरोप है कि रकम न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने यह तक कहा कि वे फर्जी दस्तावेज तैयार कर कोठी को किसी अन्य व्यक्ति के नाम करा देंगे, जिससे उन्हें वर्षों तक अदालतों के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइंस थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धोखाधड़ी, कूटरचना, आपराधिक षड्यंत्र, रंगदारी और धमकी से संबंधित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच निरीक्षक राजेंद्र कुमार को सौंपी गई है।
पुलिस अब मुकदमे में लगाए गए आरोपों, संपत्ति के स्वामित्व संबंधी अभिलेखों, न्यायालयी दस्तावेजों और कथित समझौतों की गहन जांच कर रही है। मामले ने शहर के रियल एस्टेट और कानूनी हलकों में व्यापक चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि विवाद शहर की सबसे चर्चित संपत्तियों में से एक से जुड़ा हुआ है।
