मुरादाबाद। शारदीय नवरात्रि के दौरान शहर में गरबा और डांडिया आयोजनों की तैयारियों के बीच लगाए गए कुछ पोस्टरों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र में ‘लव जिहाद से सावधान’ संदेश वाले पोस्टर सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। पोस्टरों में गरबा कार्यक्रमों में शामिल होने वाली हिंदू महिलाओं और युवतियों से सतर्क रहने की अपील की गई है। वहीं, इन्हें लगाने वाले संगठन या व्यक्तियों के बारे में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
जानकारी के अनुसार, सिविल लाइंस क्षेत्र के हाई स्ट्रीट मार्केट और वेव सिनेमा मॉल के आसपास की दीवारों पर ये पोस्टर लगाए गए हैं। त्योहार के दौरान व्यस्त रहने वाले इन इलाकों में पोस्टर दिखाई देने के बाद लोगों का ध्यान इस ओर गया। पोस्टरों में इस्तेमाल किए गए संदेश और उनमें की गई अपील को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
गरबा आयोजनों में प्रवेश को लेकर उठाया गया मुद्दा
पोस्टरों में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं एवं युवतियों को सावधान रहने की सलाह दी गई है। इनमें आशंका जताई गई है कि कुछ लोग अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर गरबा पंडालों में प्रवेश कर सकते हैं। इसी आधार पर आयोजनों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की अपील भी की गई है।
हालांकि, पोस्टरों में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। न ही अभी तक यह स्पष्ट हो पाया है कि इन्हें किस संगठन, समूह या व्यक्ति ने तैयार कर सार्वजनिक स्थानों पर लगाया। ऐसे में पोस्टरों में लिखे दावों को प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
पोस्टर लगाने वालों की पहचान में जुटी पुलिस
मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने पोस्टर लगाने वालों की पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि संबंधित इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पोस्टर किसने लगाए और इस गतिविधि में कौन-कौन शामिल था।
जांच के दौरान पोस्टर लगाए जाने के समय, संबंधित स्थानों पर मौजूद लोगों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, अभी तक पोस्टर लगाने वालों की पहचान या उनके उद्देश्य को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
त्योहार के बीच शांति व्यवस्था बनाए रखना चुनौती
नवरात्रि के दौरान शहर में विभिन्न स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रमों, गरबा और डांडिया आयोजनों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए इस तरह के संदेश सामाजिक चर्चा का विषय बन सकते हैं। इसलिए मामले की जांच के साथ-साथ शांति व्यवस्था और आपसी सौहार्द बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।
फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य बिंदु पोस्टर लगाने वालों की पहचान करना और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना है। जांच पूरी होने के बाद ही पता चल सकेगा कि पोस्टर किसके निर्देश पर लगाए गए थे और इसके पीछे क्या उद्देश्य था@शांतनु/INN
