भारतीय पैरा खेल जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। एशियन पैरा गेम्स में लगातार तीन बार स्वर्ण पदक जीतने वाले जेवलिन थ्रो खिलाड़ी नीरज यादव अपने फ्लैट में मृत पाए गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पोस्टमार्टम में जहर खाने की बात सामने आई है। हालांकि, उनकी मौत के पीछे की वजहों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है।
नीरज यादव ने वर्ष 2022 के एशियाई खेलों में जेवलिन थ्रो की F55 कैटेगरी में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में उनका पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल और पैरा एथलीट विपिन कसाना भी अस्पताल में मौजूद रहे।
डोपिंग मामले में लगा था चार साल का प्रतिबंध
नीरज यादव को नवंबर 2023 में डोपिंग नियमों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने के बाद चार साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। यह प्रतिबंध 2027 के अंतिम महीनों तक लागू रहना था। इसके चलते वह एशियन पैरा गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले सके।
भारत के चीफ पैरा एथलेटिक्स कोच एस. सत्यनारायण ने इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में आशंका व्यक्त की कि प्रतिबंध के कारण नीरज मानसिक तनाव से गुजर रहे हो सकते थे। हालांकि, उनकी मौत का प्रतिबंध से सीधा संबंध होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
पोलियो को मात देकर बनाई थी पहचान
उत्तर प्रदेश के रहने वाले नीरज यादव को महज सात साल की उम्र में पोलियो हो गया था, जिसके कारण उनके पैरों में लकवा हो गया। इसके बावजूद उन्होंने खेलों में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने 2005 से 2012 तक व्हीलचेयर टेनिस में हिस्सा लिया और बाद में पैरा एथलेटिक्स में अपना करियर आगे बढ़ाया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले नीरज यादव के निधन की खबर से खेल जगत में शोक है। उनकी मौत से जुड़े कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
