सुप्रीम कोर्ट ने कैश कांड मामले में जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका खारिज कर दी है. जस्टिस वर्मा ने जांच समिति की रिपोर्ट और तत्कालीन सीजेआई द्वारा उन्हें पद से हटाने की सिफारिश को चुनौती दी थी. जस्टिस वर्मा ने याचिका में सीजेआई द्वारा उन्हें हटाने की सिफारिश को चुनौती दी थी. कोर्ट ने ये कहते हुए जस्टिस वर्मा की याचिका खारिज की कि जांच समिति ने तय प्रक्रियाओं का पालन किया है.
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने कहा कि जस्टिस वर्मा का आचरण विश्वास पैदा नहीं करता इसलिए उनकी याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता.
पीठ ने कहा कि इन हाउस समिति का गठन और उसकी जांच अवैध नहीं है. सीजेआई और उनकी इन-हाउस समिति ने प्रक्रियाओं का पालन किया. बस उन्होंने फोटो और वीडियो अपलोड नहीं किए. हमने इसे लेकर कहा भी था कि इसकी जरूरत नहीं है. लेकिन आपने उस समय इसे चुनौती नहीं दी. पीठ ने कहा कि तत्कालीन सीजेआई संजीव खन्ना ने इस मामले में राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी को जो पत्र भेजा था, वह असंवैधानिक नहीं था.
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