मुरादाबाद, 25 अप्रैल। जिले में ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना’ युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रही है। नौकरी की कतार में खड़े रहने के बजाय युवा अब खुद का कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं और दूसरों को रोजगार भी दे रहे हैं। जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र (डीआईसी) के महाप्रबंधक दीपेंद्र कुमार के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के 2312 युवाओं को इस योजना के तहत बिना गारंटी और 100 फीसदी ब्याज मुक्त ऋण देकर आत्मनिर्भर बनाया गया है। अब चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2700 और युवाओं को इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य तय किया गया है।
योजना के तहत उद्योग या सेवा क्षेत्र में काम शुरू करने के लिए अधिकतम 5 लाख रुपये तक का लोन दिया जा रहा है, जिसमें चार साल में सफलतापूर्वक मूलधन चुकाने पर सरकार 10 प्रतिशत की सब्सिडी भी प्रदान कर रही है। इस योजना का लाभ उठाकर मुरादाबाद के युवा चाय की मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल कोचिंग, योगा स्टूडियो और आइसक्रीम फैक्ट्री जैसे अनोखे स्टार्टअप चला रहे हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों और उद्योग विभाग के निरंतर सहयोग से इन युवाओं की राह बेहद आसान हुई है और अब वे महीने का हजारों-लाखों रुपये मुनाफा कमा रहे हैं।
चाय के स्टार्टअप से विदेशों तक निर्यात की तैयारी
बुद्धि विहार निवासी 26 वर्षीय मणि गुप्ता ने योजना के तहत 5 लाख रुपये का ऋण लेकर चाय मैन्युफैक्चरिंग का काम शुरू किया है। यूपी ग्रामीण बैंक से ऋण प्राप्त कर अपना सेटअप लगाने वाले मणि बताते हैं कि पंचायत भवन के जिगर मंच पर लगे स्टॉल में उन्होंने महज डेढ़ घंटे में 24 किलो चायपत्ती बेच दी थी।

अब वह ‘ब्लू टी’ और इसे विदेशों में निर्यात करने की योजना पर तेजी से काम कर रहे हैं। इस व्यवसाय से वह हर महीने औसतन 40 हजार रुपये तक का मुनाफा कमा रहे हैं।
प्रशासनिक सहयोग से खुला शानदार सैलून, दूसरों को भी दिया रोजगार
मुरादाबाद की 21 वर्षीय स्नेहा पाल के पिता ऑटो चलाते हैं और उनके पास अपना सैलून खोलने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं थी। ऋण आवेदन के दौरान शुरुआत में उन्हें कुछ तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से जिलाधिकारी कार्यालय और उद्योग विभाग के अधिकारियों ने त्वरित संज्ञान लिया।

अधिकारियों के सकारात्मक सहयोग और मार्गदर्शन से उनका ऋण आसानी से स्वीकृत हो गया। आज स्नेहा का सैलून शानदार चल रहा है और वह महीने का 40 हजार से 1 लाख रुपये तक कमा रही हैं। साथ ही उन्होंने तीन अन्य लोगों को भी अपने सैलून में रोजगार प्रदान किया है।
यूट्यूब से लिया आइडिया, खोल ली आइसक्रीम फैक्ट्री
हरथला के रहने वाले 26 वर्षीय मोहम्मद नूर ने यूट्यूब पर वीडियो देखकर अपना खुद का व्यवसाय करने की ठानी। उन्होंने यूको बैंक के माध्यम से 5 लाख रुपये का ऋण लेकर अपनी आइसक्रीम फैक्ट्री शुरू की है।

उद्योग विभाग के अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन से नूर ने इसी साल मार्च महीने में अपना काम शुरू किया है। उनकी यह पहल इतनी सफल रही कि शुरुआत में ही उन्होंने छह से सात अन्य लोगों को रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनाने में मदद की है।
डिजिटल हुई सचिन की कोचिंग, आमदनी में हुआ इजाफा
पच्चीस वर्षीय सचिन ठाकुर पहले सीमित संसाधनों के साथ बच्चों को पढ़ाते थे, जहां उनके पास डिजिटल बोर्ड या इन्वर्टर जैसी सुविधाएं नहीं थीं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के बारे में पता चलने पर उन्होंने ऋण के लिए आवेदन किया।

ऋण स्वीकृत होने पर सचिन ने अपनी कोचिंग में आधुनिक डिजिटल बोर्ड और नया फर्नीचर लगाया। सुविधाओं के विस्तार से आज उनकी कोचिंग में बच्चों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है और वह प्रतिमाह 50 से 60 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।
योगा से लोगों को निरोग बना रहीं स्वाति
बुद्धि विहार की रहने वाली 33 वर्षीय स्वाति वर्मा ने इस योजना से प्राप्त धनराशि का सदुपयोग करते हुए अपना खुद का ‘योगा स्टूडियो’ शुरू किया।

महज सात महीने पहले शुरू हुए इस स्टूडियो की मदद से स्वाति अब महीने का लगभग 30 हजार रुपये आसानी से कमा लेती हैं। अपने इस सफल प्रयास में उन्होंने तीन लोगों को स्टाफ के रूप में भी रखा है, जिससे उन्हें भी रोजगार का अवसर मिला है।
टीचिंग छोड़ शुरू किया ‘चोकोबेरी’ स्टार्टअप
ग्रीन ऑर्किड, मंगूपुरा की रहने वाली 29 वर्षीय मुस्कान अग्रवाल ने एक आईआईटी और नीट टीचर की अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़कर खुद का व्यवसाय करने का निर्णय लिया। उन्होंने इस योजना का सकारात्मक लाभ उठाकर चॉकलेट्स और फलों का अपना अनूठा स्टार्टअप ‘चोकोबेरी’ शुरू किया है। उद्योग विभाग की मदद से मिले इस ऋण के बाद अब वह एक नए आउटलेट के साथ अपने बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की पूरी तैयारी कर रही हैं।
