मुरादाबाद। नगर निगम की विशेष बोर्ड बैठक बुधवार को राजनीतिक टकराव का मंच बन गई, जब ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। महापौर विनोद अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सत्तापक्ष ने महिला आरक्षण बिल के समर्थन में प्रस्ताव रखते हुए विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला।
बैठक की शुरुआत से ही भाजपा पार्षदों ने संसद में पेश महिला आरक्षण विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यह कानून महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है, लेकिन विपक्ष ने इसका समर्थन न करके महिलाओं के हितों की अनदेखी की है। भाजपा पार्षदों ने विपक्ष के इस रवैये को ‘महिला विरोधी मानसिकता’ करार दिया।
महापौर विनोद अग्रवाल ने भी सत्तापक्ष का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का यह कदम महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर उनका दोहरा रवैया सामने आ गया है।
वहीं कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के पार्षदों ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। उनका तर्क था कि नगर निगम की बैठक का उद्देश्य शहर के विकास कार्यों और जनसमस्याओं पर चर्चा करना होना चाहिए, न कि राष्ट्रीय स्तर की राजनीति को मंच बनाना।
विपक्षी पार्षदों ने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष जानबूझकर स्थानीय मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे प्रस्ताव ला रहा है। हंगामा बढ़ने पर विपक्षी पार्षदों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद सत्तापक्ष ने बहुमत के आधार पर महिला आरक्षण बिल के समर्थन में और विपक्ष के विरोध में निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया।
बैठक के दौरान तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप के चलते कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित रही, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य होने पर प्रस्ताव पारित कर दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद नगर निगम की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है।
