अमरोहा। सांसद कंवर सिंह तंवर ने गंगा एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन को प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक सौगात बताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए सांसद तंवर ने कहा कि यह एक्सप्रेस-वे 2047 तक भारत को ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने के संकल्प की एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।

प्रधानमंत्री द्वारा एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के अवसर पर बोलते हुए सांसद तंवर ने आगे कहा कि यह न केवल उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे है, बल्कि पूरे देश के लिए बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) की एक मिसाल है। उल्लेखनीय है कि बुधवार को एक्सप्रेस-वे से सटे मंगरौला गांव में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण देखकर खुशी का इज़हार किया।

इस दौरान सांसद तंवर ने जननायक जयपाल सिंह ‘बाबूजी’ को नमन करते हुए कहा कि मंगरौला की धरती से बह रही प्रगति की यह धारा बाबूजी के समृद्ध और सशक्त समाज के सपने की ही जीवंत परिणति है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक राजीव तरारा ने जननायक जयपालसिंह बाबूजी को याद करते हुए कहा कि बाबूजी की पुण्य धरा मंगरौला गांव में आज़ खुशी का माहौल है। उन्होंने आशा जताई कि पश्चिम को पूरब से जोड़ने वाला 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मेरठ को सीधे प्रयागराज से जोड़कर भविष्य में प्रदेश की आर्थिक रीढ़ बनेगा। वक्ताओं ने औद्योगिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इंटीग्रेटेड कॉरिडोर अब केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि एक इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के रूप में उभरेगा।यूपिडा द्वारा 12 आईएमएलसी नोड्स विकसित किए जा रहे हैं। प्रत्येक जिले की स्थानीय विशेषताओं और उत्पादों को बड़े बाजारों से जोड़ा जाएगा।

इस अवसर पर वक्ताओं ने जोर दिया कि इस परियोजना से क्षेत्रीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा। इससे न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे।

गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के अवसर पर गंगेश्वरी क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनसंगठनों ने लोकनायक स्वर्गीय श्री जयपाल सिंह गुर्जर को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर वक्ताओं ने उनके संघर्षशील जीवन, जनसेवा के प्रति समर्पण और क्षेत्र के विकास में उनके अमूल्य योगदान को विस्तार से याद किया।

वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय जयपाल सिंह गुर्जर केवल एक जननेता ही नहीं, बल्कि निर्भीक और निडर व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने गंगेश्वरी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए जीवनभर संघर्ष किया और आम जनता की आवाज बनकर उभरे। क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं—सड़क, बिजली, पानी और किसानों से जुड़े मुद्दों—को लेकर उन्होंने कई बार शासन-प्रशासन से सीधी टक्कर ली, लेकिन कभी पीछे नहीं हटे। उन्होंने सदैव गरीब, किसान और वंचित वर्ग के हक की लड़ाई को प्राथमिकता दी। चाहे कोई भी परिस्थिति रही हो, वह जनसमस्याओं के निराकरण के लिए हर समय तत्पर रहते थे। उनके नेतृत्व में कई जनआंदोलन खड़े हुए, जिनका असर प्रशासनिक स्तर पर भी देखने को मिला।

उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय जयपाल सिंह गुर्जर से जुड़े अनेक प्रेरणादायक किस्सों को साझा किया और कहा कि उनका संघर्ष, साहस और जनसेवा का भाव आज भी क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े विकास कार्यों के पीछे कहीं न कहीं उन जैसे जमीनी नेताओं के वर्षों के संघर्ष और आवाज की भी अहम भूमिका रही है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने स्वर्गीय जयपाल सिंह गुर्जर को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रभारी मंत्री केपी मलिक, विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी, विधान परिषद सदस्य हरिसिंह ढिल्लों तथा सतपाल सिंह सैनी सहित मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा मुख्य विकास अधिकारी समेत जिला प्रशासन के तमाम आला अधिकारी भी उपस्थित रहे।
