मुरादाबाद। जनपद में आईपीएल सट्टेबाजी से जुड़े नेटवर्क एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद सट्टा गैंग के सक्रिय रहने की खबरें सामने आ रही हैं। अब यह गैंग सिर्फ आईपीएल मैचों तक सीमित नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल चुनाव के परिणामों पर भी बड़े पैमाने पर सट्टा लगवाने की बात सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार, थाना सिविल लाइंस पुलिस द्वारा पूर्व में गिरफ्तार किए गए सट्टा गिरोह के सदस्य जमानत या अन्य माध्यमों से बाहर आकर अब शहर से दूर रहकर अपने नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। यह गिरोह मोबाइल एप, व्हाट्सएप ग्रुप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर में सट्टा संचालित कर रहा है।
बताया जा रहा है कि आईपीएल मैचों पर हर गेंद और हर ओवर तक सट्टा लगाने वाले इस गैंग ने अब राजनीतिक सट्टेबाजी का भी बड़ा दायरा बना लिया है। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल चुनाव के परिणामों को लेकर करोड़ों रुपये का दांव लगाया जा चुका है। 4 मई को बंगाल चुनाव के परिणाम आने शुरू हो जाएंगे, ऐसे में सट्टा बाजार में भारी हलचल रहने की संभावना जताई जा रही है।
दिखावा कुछ और, असली धंधा कुछ और
महानगर में कई ऐसे लोगों की चर्चा जोरों पर है, जिनके “दिखाने के दांत और, खाने के कुछ और” हैं। सूत्रों का दावा है कि इन लोगों ने शहर में बड़े-बड़े शोरूम और आकर्षक दुकानें खोल रखी हैं, लेकिन वहां ग्राहकों की आवाजाही बेहद कम रहती है। असल में इन प्रतिष्ठानों का उपयोग केवल दिखावे के लिए किया जा रहा है, जबकि इनके पीछे असली कारोबार आईपीएल सट्टेबाजी का बताया जा रहा है।
कहा जा रहा है कि यह नेटवर्क महज डेढ़ से दो महीने के भीतर ही करोड़ों रुपये का खेल कर लेता है, जिससे इनकी आर्थिक स्थिति तेजी से मजबूत होती है।
चुनावी नतीजे बनेंगे ‘बोनस’ का बड़ा मौका
सूत्रों के मुताबिक, इस बार पश्चिम बंगाल चुनाव के परिणाम इन सट्टा कारोबारियों के लिए “सोने पर सुहागा” साबित हो सकते हैं। आईपीएल के साथ-साथ चुनावी नतीजों पर लग रहे दांव इनके लिए अतिरिक्त कमाई का बड़ा जरिया बनते जा रहे हैं।
अरबों का खेल, लोकल नेटवर्क से नेशनल कनेक्शन
जानकारों का कहना है कि इस तरह के सट्टा नेटवर्क अब केवल स्थानीय नहीं रहे, बल्कि इनकी कड़ियां देश के बड़े शहरों और अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ी होती हैं। मुरादाबाद जैसे शहरों में बैठकर ऑपरेट करने वाले एजेंट बड़े “बुकियों” से जुड़े होते हैं, जो दिल्ली, मुंबई और दुबई तक कनेक्ट रहते हैं।
पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
थाना सिविल लाइंस क्षेत्र में पूर्व में हुई गिरफ्तारी के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि सट्टा नेटवर्क पर पूरी तरह लगाम लग जाएगी, लेकिन अब सामने आ रही गतिविधियों से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सट्टा कारोबार फिर से उसी तेजी से चल रहा है, बस उसका तरीका बदल गया है।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बना सबसे बड़ा जरिया
सूत्र बताते हैं कि अब सट्टा पूरी तरह डिजिटल माध्यमों पर शिफ्ट हो चुका है। पेमेंट के लिए यूपीआई, फर्जी बैंक खातों और क्रिप्टो तक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे पुलिस के लिए ट्रैकिंग और भी जटिल हो गई है।
चुनाव परिणाम 4 मई के दिन रहेगी सबसे ज्यादा हलचल
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे स्पष्ट होंगे, वैसे-वैसे सट्टा बाजार में करोड़ों रुपये का लेन-देन तेजी से होगा। यह भी आशंका है कि हार-जीत के बाद कई लोग आर्थिक नुकसान के चलते अन्य अपराधों की ओर भी बढ़ सकते हैं।
पुलिस की अगली रणनीति पर नजर
अब देखना यह होगा कि मुरादाबाद पुलिस इस संगठित सट्टा नेटवर्क पर किस तरह की सख्त कार्रवाई करती है। फिलहाल शहर में चर्चा का माहौल गर्म है और लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर कब इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
