पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हालात तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। कई इलाकों से हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के कोर्ट मोड़ इलाके में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक दफ्तर में देर रात आग लगा दी गई। यह कार्यालय वार्ड नंबर 53 की पार्षद मौसमी बोस का बताया जा रहा है। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरा दफ्तर जलकर राख हो गया और पास की एक दुकान को भी नुकसान पहुंचा। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया।
बीजेपी विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया गया। उन्होंने कहा कि आसपास लगे CCTV फुटेज की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि चुनाव के बाद किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्थानीय दुकानदारों के मुताबिक, आग लगने की घटना देर रात हुई। एक दुकानदार ने बताया कि दुकान बंद करने के कुछ समय बाद उन्हें आग की खबर मिली। जब वे मौके पर पहुंचे तो TMC कार्यालय से आग की लपटें उठ रही थीं, जिससे उनकी दुकान के बिजली सिस्टम को भी नुकसान हुआ।
वहीं, मुर्शिदाबाद के जियागंज में लेनिन की पुरानी प्रतिमा को तोड़ने का मामला सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि इसमें बीजेपी समर्थकों का हाथ है। हालांकि, बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि घटना में उनका कोई संबंध नहीं है और यह किसी अज्ञात व्यक्ति की हरकत हो सकती है।
नदिया जिले के करीमपुर 2 ब्लॉक के नतिडांगा ग्राम पंचायत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने TMC के एक दफ्तर पर कब्जा कर लिया। कांग्रेस का दावा है कि यह कार्यालय पहले उनका था, जिसे TMC ने कब्जा कर लिया था।
इसी बीच, मध्य कोलकाता के हॉग मार्केट इलाके के पास भी तनाव की स्थिति बन गई, जब बुलडोजर के साथ आए कुछ लोगों ने कथित तौर पर TMC के एक कार्यालय को निशाना बनाया। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ीं।
कुल मिलाकर, चुनाव नतीजों के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
