मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के कर-कमलों द्वारा शिक्षामित्रों के बढ़े हुए मानदेय के भुगतान/वितरण का शुभारंभ किए जाने के उपलक्ष्य में जनपद मुरादाबाद के पंचायत भवन सभागार में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों ने भाग लेकर इस ऐतिहासिक क्षण को देखा और सरकार के इस निर्णय पर खुशी जताई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री श्री अनिल कुमार उपस्थित रहे।
उन्होंने शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए उनका मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 में चयनित शिक्षामित्रों को उस समय मात्र 3500 रुपये मानदेय दिया जाता था, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। वर्तमान सरकार ने उनकी समस्याओं को समझते हुए न सिर्फ मानदेय में वृद्धि की, बल्कि उनके स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि शिक्षामित्र प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और वे बच्चों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में बीते वर्षों में व्यापक सुधार हुए हैं और सरकार लगातार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है।
मुरादाबाद जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि यहां 1408 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें से 100 विद्यालयों में ‘नक्षत्रशाला’ विकसित की गई है। यह पहल विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति रुचि जागृत करने और उन्हें नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से मुरादाबाद को यह विशेष उपलब्धि मिली है, जिससे यहां के बच्चों को बेहतर शैक्षिक अवसर मिलेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार गरीब परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, बच्चों को शिक्षा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते 9 वर्षों में कानून का राज स्थापित हुआ है और हर व्यक्ति खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा है, विशेषकर महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री द्वारा शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय के सांकेतिक चेक भी वितरित किए गए। उन्होंने बताया that प्रदेश सरकार द्वारा सभी शिक्षामित्रों के खातों में बढ़े हुए मानदेय के अनुसार भुगतान कर दिया गया है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शेफाली सिंह चौहान, महापौर विनोद अग्रवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त एवं गोपाल अंजान, जिला अध्यक्ष आकाश पाल, महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडूला सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं प्रशासनिक स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विमलेश कुमार समेत अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षामित्र उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में शिक्षामित्रों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया और इसे अपने भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।
