मुरादाबाद। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को ढेला रिवर बैंक स्थित ग्राम आदमपुर में व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया, स्थानीय ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यरत संस्था परिवर्तन दी “चेंज” के प्रतिनिधियों ने सहभागिता करते हुए बड़ी संख्या में पौधे रोपे और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि रामगंगा नदी नैनीताल क्षेत्र से निकलकर मुरादाबाद जनपद में लगभग 80 किलोमीटर का सफर तय करती है और यहां के पर्यावरण, कृषि तथा जनजीवन को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है। ऐसे में नदी और उसके तटीय क्षेत्र का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।

जिलाधिकारी ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि, महानगरवासी, स्वयंसेवी संस्थाएं, पर्यावरण प्रेमी तथा नदी किनारे रहने वाले क्षेत्रवासी एकजुट होकर प्रयास करें तो रामगंगा नदी के तट को न केवल सुंदर और हरित बनाया जा सकता है, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी अधिक स्वच्छ और संतुलित रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि नदी के प्राकृतिक बहाव को उसके मूल स्वरूप में बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, क्योंकि अनियंत्रित अतिक्रमण और पर्यावरणीय क्षति नदियों के अस्तित्व के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि नदी तट की भूमि केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि कृषि और जैव विविधता का महत्वपूर्ण आधार है। यदि इस भूमि की प्राकृतिक उर्वरता और पारिस्थितिक संतुलन को संरक्षित रखा जाए तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। वृक्षारोपण जैसे छोटे-छोटे प्रयास भी इस दिशा में बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई और रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लिया। पर्यावरण संस्था “चेंज” के सदस्यों ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षित कर हरित आवरण को बढ़ाना है, ताकि क्षेत्र में पर्यावरणीय संतुलन मजबूत हो सके।

विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण, नदी पुनर्जीवन और जनसहभागिता का एक सकारात्मक संदेश दिया। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि स्वच्छ, हरित और सुरक्षित पर्यावरण के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी होगी। वृक्षारोपण के माध्यम से न केवल धरती को हरित बनाया जा सकता है, बल्कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, जल स्रोतों के संरक्षण तथा रामगंगा और ढेला नदी के तटीय क्षेत्रों को स्वच्छ एवं हरित बनाए रखने का संकल्प लिया@जफर-INN
