मुरादाबाद। भोजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रानीनांगल निवासी एक गर्भवती महिला की शिकायत पर पुलिस ने न्यायालय के आदेश के बाद चार ससुरालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। महिला ने आरोप लगाया है कि पुत्र न होने के कारण उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता था और गर्भपात कराने का दबाव बनाया जा रहा था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई, कपड़े फाड़ दिए गए, गला घोंटने का प्रयास किया गया तथा नकदी और सामान भी छीन लिया गया।
भोजपुर थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार ग्राम रानीनांगल निवासी पूजा पत्नी रोहित यादव ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसकी शादी करीब 11 वर्ष पूर्व रोहित यादव से हुई थी। दंपति की तीन पुत्रियां हैं। आरोप है कि पुत्र न होने के कारण ससुराल पक्ष के लोग उसे ताने देते थे और वर्तमान गर्भावस्था के दौरान भी गर्भपात कराने की धमकी देते थे।
महिला का आरोप है कि 22 अप्रैल 2026 को उसके पति खेत पर गए हुए थे। इसी दौरान ससुर वीरभान सिंह, देवर मोहित, देवरानी गुड़िया और ननद प्रियंका ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। आरोप है कि उसे धक्का देकर गिरा दिया गया, कपड़े फाड़ दिए गए तथा लोहे की रॉड से पैर पर वार किया गया। इसके अलावा पेट में लात मारने से वह बेहोश हो गई।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी एक पुत्री के साथ भी मारपीट की गई और अन्य दो बच्चियों को भी पीटा गया। आरोपियों ने परिवार को घर से निकाल दिया तथा घर में रखा सामान, कीमती कपड़े और 35 हजार रुपये भी जबरन छीन लिए।
शिकायत में कहा गया है कि ससुर वीरभान सिंह और देवर मोहित ने दुपट्टे से उसका गला घोंटने का प्रयास किया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर महिला व उसके बच्चों को बचाया।
पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद उसने 23 अप्रैल को भोजपुर थाने में शिकायत दी थी और सीएचसी भोजपुर में मेडिकल परीक्षण भी कराया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र भेजा, फिर भी सुनवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय के आदेश पर भोजपुर पुलिस ने वीरभान सिंह, मोहित, गुड़िया और प्रियंका के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक शराफत हुसैन को सौंपी गई है@जफर-INN
