मुरादाबाद। धोखाधड़ी के मामलों को लेकर पहले से विवादों में घिरे स्कॉलर डेन कोचिंग संस्थान के संचालक विवेक ठाकुर पर अब उनके ही एक पूर्व कर्मचारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। संस्थान में एडमिशन हेड के पद पर कार्यरत रहे काव्य सौरभ वर्मा का आरोप है कि विवेक ठाकुर ने उनका एक माह का वेतन रोक लिया, नौकरी के दौरान जमा कराए गए दो ब्लैंक चेक वापस नहीं किए और पैसे मांगने पर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी।
काव्य सौरभ वर्मा का कहना है कि स्कॉलर डेन में कर्मचारियों के साथ अपमानजनक व्यवहार और दबाव की संस्कृति लंबे समय से चली आ रही है। उनके अनुसार, जब भी कोई कर्मचारी अपना बकाया वेतन मांगता था, तो विवेक ठाकुर कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों से अपने संबंधों का हवाला देकर डराने का प्रयास करते थे।
“तुम्हें बिना केस के हवालात में सड़वा दूंगा”
पीड़ित का दावा है कि बकाया वेतन मांगने पर उन्हें कई बार धमकियां दी गईं। काव्य के अनुसार, विवेक ठाकुर कहते थे कि उनके बड़े अधिकारियों से करीबी संबंध हैं और यदि ज्यादा दबाव बनाया गया तो किसी भी मामले में फंसाकर हवालात भिजवा दिया जाएगा।
एक शीट गुम होने पर हुआ विवाद
काव्य वर्मा के मुताबिक, एक दिन एक अभ्यर्थी से संबंधित सीट की रिकॉर्ड शीट तत्काल नहीं मिल पाने पर विवेक ठाकुर कथित रूप से आगबबूला हो गए और उन्होंने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। बाद में वही रिकॉर्ड कार्यालय में मिल गया, लेकिन घटना से आहत होकर काव्य ने नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया।
उनका आरोप है कि इस्तीफा देने की बात सुनते ही विवेक ठाकुर ने साफ कह दिया कि अब उन्हें उस महीने का वेतन नहीं मिलेगा। साथ ही, सुरक्षा के नाम पर लिए गए दो ब्लैंक चेक भी वापस नहीं किए गए।
अन्य कर्मचारियों के साथ भी ऐसा ही व्यवहार होने का दावा
काव्य सौरभ का कहना है कि वह अकेले पीड़ित नहीं हैं। उनके मुताबिक, संस्थान के कई कर्मचारियों की सैलरी रोकी गई है और कई लोग आर्थिक नुकसान झेल चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब आठ कर्मचारियों का बकाया वेतन अब भी अटका हुआ है।
फैकल्टी सदस्य से अभद्रता और पुलिस कार्रवाई का आरोप
पूर्व कर्मचारी ने यह भी आरोप लगाया कि कोटा से आए एक फैकल्टी सदस्य जगदीश चंद्र सेन ने संस्थान छोड़ने का निर्णय लिया तो उनके साथ भी कथित रूप से अभद्रता की गई। काव्य का दावा है कि बाद में पुलिस की मदद से उस फैकल्टी सदस्य पर दबाव बनाया गया और उन्हें घंटों परेशान किया गया।
पुलिस से शिकायत, जांच की मांग
पीड़ितों का कहना है कि पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की गई है। उनका आरोप है कि विवेक ठाकुर ने कर्मचारियों के आर्थिक अधिकारों का हनन किया और विरोध करने वालों को डराने-धमकाने का प्रयास किया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, इन आरोपों पर स्कॉलर डेन संचालक विवेक ठाकुर का पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
