होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़े तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच टकराव अब खुली सैन्य भिड़ंत की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए हैं। ईरानी दावे के मुताबिक कई ड्रोन और कम से कम चार बैलिस्टिक मिसाइलें अमेरिकी अड्डों की ओर दागी गईं, जिसके बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया और एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गए।
तनाव उस समय और बढ़ गया जब होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर के मार गिराए जाने की खबर सामने आई। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के जास्क, सीरिक और केश्म द्वीप के आसपास मौजूद रडार और वायु रक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले किए। अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद ईरान ने पलटवार की घोषणा कर दी।
आईआरजीसी का कहना है कि उसका सबसे बड़ा निशाना बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट का मुख्यालय था। ईरानी मीडिया के अनुसार तड़के करीब ढाई बजे ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया गया, जबकि कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि एक मिसाइल सीधे अमेरिकी सैन्य परिसर के भीतर गिरी।
हमले के बाद बहरीन में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हो गईं। गृह मंत्रालय ने देशभर में चेतावनी सायरन बजवाए और नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की। स्थानीय सूत्रों के अनुसार राजधानी और आसपास के इलाकों में कई तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं, हालांकि अमेरिका ने अभी तक किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की है।
कुवैत में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिकी वायुसेना के अहम ठिकाने अली अल सलेम एयरबेस को निशाना बनाया। कुवैती सेना के मुताबिक उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने संदिग्ध हवाई खतरों को रोकने के लिए कार्रवाई की। कई इलाकों से धमाकों की आवाजें सुनाई देने की खबरें आईं, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।
उधर जॉर्डन की सेना ने कहा है कि उसने ईरान की ओर से दागी गई पांच मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया। सेना के अनुसार मिसाइलें अल-अजराक क्षेत्र की ओर बढ़ रही थीं, लेकिन एयर डिफेंस सिस्टम ने उन्हें सफलतापूर्वक रोक लिया। मिसाइलों का कुछ मलबा जमीन पर गिरा, लेकिन किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली।
जॉर्डन ने स्पष्ट किया कि वह अपने हवाई क्षेत्र और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी ईरानी हमलों के संभावित निशाने पर थे।
आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी सेना के 21 नौसैनिक और वायुसेना अड्डों को लक्ष्य बनाया। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने आगे कोई सैन्य कार्रवाई की तो जवाब और अधिक व्यापक होगा। दूसरी ओर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को खाड़ी क्षेत्र से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा के खिलाफ किसी भी कदम का कड़ा जवाब देगा।
