मुरादाबाद। भोजपुर नगर पंचायत में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नगर अध्यक्ष शराफत अली के खिलाफ एक युवती की शिकायत पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने से क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार आरोपी पर दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने, जातिसूचक टिप्पणी करने, धमकी देने और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से उत्पीड़न करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
युवती ने लगाए शोषण और ब्लैकमेलिंग के आरोप
दर्ज कराई गई तहरीर में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसे अपने प्रभाव में लेकर कई बार शारीरिक शोषण किया। आरोप है कि इस दौरान उसकी अश्लील वीडियो और फोटो भी तैयार की गईं, जिन्हें वायरल करने की धमकी देकर लगातार दबाव बनाया जाता रहा।
पीड़िता का कहना है कि विरोध करने पर आरोपी ने जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां भी दीं। शिकायत में कई स्थानों पर बुलाकर शारीरिक संबंध बनाने और बाद में वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का दावा
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया है कि उसके पास आरोपी द्वारा भेजे गए कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप संदेश, रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मौजूद हैं। पुलिस अब इन तथ्यों और साक्ष्यों की जांच कर रही है।
जातिसूचक अपमान के भी आरोप
एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने कई मौकों पर पीड़िता के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और सार्वजनिक रूप से उसका अपमान किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी की हरकतों के कारण उसे मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
दो अलग-अलग समुदायों से जुड़े होने के कारण मामला संवेदनशील
यह मामला दो अलग-अलग समुदायों से जुड़े व्यक्तियों के बीच होने के कारण प्रशासन और पुलिस के लिए भी अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी से सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। इसी वजह से पुलिस जांच को गंभीरता से आगे बढ़ा रही है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की बात कही जा रही है।
राजनीतिक हलकों में भी चर्चा
एक राजनीतिक दल के स्थानीय पदाधिकारी पर इतने गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज होने के बाद क्षेत्र के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। विपक्षी दलों और स्थानीय लोगों की निगाहें अब पुलिस की जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। मामले की वास्तविक स्थिति और आरोपों की सत्यता का निर्धारण जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगा@जफर/INN
