उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यूपी की राजनीति में बड़ा राजनीतिक फेरबदल देखने को मिल सकता है। राजभर ने महाराष्ट्र की सियासत का हवाला देते हुए कहा कि अब उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह के घटनाक्रम होने की संभावना है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी को तभी खरीदा जा सकता है, जब वह खुद बिकने के लिए तैयार हो।
राजभर ने सपा के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक गोपनीय पत्र भेजा है, जिसमें कुछ नेताओं के नामों का उल्लेख करते हुए उन्हें अपने साथ शामिल करने और अपनी राजनीतिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
इसके अलावा उन्होंने अखिलेश यादव को भ्रष्टाचार के मुद्दों पर घेरते हुए अवैध खनन मामले का जिक्र किया और कहा कि सीबीआई की जांच में उनका नाम सामने आ चुका है। साथ ही उन्होंने गोमती रिवरफ्रंट परियोजना में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाया और पूछा कि इतने चर्चित मामले में अब तक किसी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई। राजभर के इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और विधानसभा चुनाव से पहले सियासी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
