अयोध्या राम मंदिर में दान राशि के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में गठित एसआईटी (SIT) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी है। तीन सदस्यीय समिति द्वारा प्रस्तुत इस रिपोर्ट को फिलहाल गोपनीय रखा गया है और जांच प्रक्रिया अभी जारी है।
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक रिपोर्ट में दान राशि की गणना एवं निगरानी व्यवस्था से जुड़े कुछ बिंदुओं पर सवाल उठाए गए हैं। एसआईटी ने दान गिनती की प्रक्रिया में संभावित खामियों की जांच की है और संबंधित कर्मचारियों व ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों की भूमिका का भी परीक्षण किया है। अभी तक किसी भी व्यक्ति को क्लीन चिट नहीं दी गई है।
बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में कुछ कर्मचारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई और मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की गई है। साथ ही मंदिर की प्रशासनिक एवं निगरानी व्यवस्था की जवाबदेही से जुड़े पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है। एसआईटी ने विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय और संसाधनों की मांग की है।
इस बीच, समाजवादी पार्टी के नेता दीपक रंजन ने जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
