मुरादाबाद। जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने जनपद के समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शासन के निर्देशों के क्रम में जुलाई से सितम्बर, 2026 तक आयोजित किए जाने वाले ‘संभव अभियान-6.0’ का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य “गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक पोषण सुरक्षा” सुनिश्चित करते हुए मातृ एवं शिशु कुपोषण में कमी लाना तथा स्वस्थ समाज का निर्माण करना है।
जिलाधिकारी ने बताया कि अभियान का संचालन बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा पंचायती राज विभाग के समन्वित प्रयासों से किया जाएगा। अभियान के दौरान गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, नवजात शिशुओं तथा छह माह से पाँच वर्ष तक के बच्चों के पोषण स्तर में सुधार, गंभीर कुपोषित (SAM) एवं मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों की समय से पहचान, उपचार एवं नियमित अनुश्रवण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला की समयबद्ध प्रसव पूर्व जांच (ANC), सुरक्षित प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल तथा शिशु के जीवन के प्रथम एक हजार दिनों में गुणवत्तापूर्ण पोषण सेवाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही छह माह तक केवल स्तनपान तथा समय पर पूरक आहार की शुरुआत के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
डॉ. पैंसिया ने कहा कि अभियान के अंतर्गत कम वजन वाले नवजात शिशुओं की विशेष निगरानी, छह माह से कम आयु के शिशुओं में कुपोषण की रोकथाम, गंभीर कुपोषित बच्चों की शीघ्र पहचान, उपचार एवं आवश्यकतानुसार चिकित्सीय संस्थानों में रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों का नियमित वजन एवं लंबाई मापन, पोषण ट्रैकर पर शत-प्रतिशत डाटा फीडिंग, वीएचएसएनडी सत्रों का प्रभावी संचालन तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं अन्य पोषण कार्यक्रमों का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय से पहुंचाया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिन्हित कुपोषित बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सीय प्रबंधन तथा आवश्यकतानुसार संस्थागत उपचार सुनिश्चित किया जाए। वहीं पंचायती राज विभाग ग्राम पंचायतों के माध्यम से जनजागरूकता गतिविधियों का संचालन कर स्वच्छता, पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा।
उन्होंने सभी विभागों को शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए पोषण ट्रैकर पर नियमित प्रगति दर्ज करने, फील्ड स्तर पर प्रभावी अनुश्रवण करने तथा अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र गर्भवती महिला, धात्री माता अथवा बच्चा पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। ‘संभव अभियान-6.0’ केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वस्थ एवं कुपोषण मुक्त प्रदेश के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी अभियान है, जिसमें सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों एवं आमजन की सक्रिय सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है@जफर/INN
