संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट में दिल्ली के लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए आतंकी हमले को लेकर बड़ा दावा किया गया है। रिपोर्ट में हमले के पीछे ‘अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट’ (AQIS) का हाथ होने की बात कही गई है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, AQIS ने पिछले कुछ समय में दक्षिण एशिया में अपनी गतिविधियों और नेटवर्क को मजबूत किया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि AQIS ने पारंपरिक बड़े संगठन की बजाय छोटे और अलग-अलग सेल के जरिए काम करने की रणनीति अपनाई है। संगठन ने अपने लॉजिस्टिक और वित्तीय नेटवर्क को भी विस्तार दिया है। संयुक्त राष्ट्र ने यह भी चिंता जताई है कि AQIS बांग्लादेश में अपने नए सेल स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
लाल किला धमाका मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है। एजेंसी ने मई में इस मामले में करीब 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, आरोपी एक आतंकी मॉड्यूल से जुड़े थे, जिसका संबंध AQIS से बताया गया है।
NIA की चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों ने विस्फोटक और IED तैयार करने के लिए तकनीकी जानकारी जुटाई थी। जांच में यह भी आरोप सामने आया कि मॉड्यूल से जुड़े लोगों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म और AI टूल्स का इस्तेमाल तकनीकी जानकारी हासिल करने के लिए किया।
जांच के दौरान हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम भी सामने आया। एजेंसी के मुताबिक, मामले में आरोपी जासिर बिलाल वानी ने कथित तौर पर तकनीकी मदद हासिल करने के लिए यूनिवर्सिटी परिसर का दौरा किया था। जांच में कुछ डॉक्टरों की भूमिका भी सामने आने के बाद एजेंसियों ने यूनिवर्सिटी से जुड़े पहलुओं की जांच की।
NIA के मुताबिक, मामले में डॉ. उमर-उन-नबी समेत कई आरोपियों पर गंभीर आरोप हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि विस्फोटक से भरी कार का इस्तेमाल हमले में किया गया था। इस घटना में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे।
चार्जशीट में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स के जरिए विस्फोटक उपकरण और रॉकेट आधारित IED से जुड़ी जानकारी जुटाई। जांच में सामने आए इन तथ्यों ने आतंकी गतिविधियों में डिजिटल तकनीक और AI के कथित दुरुपयोग को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
UN की ताजा रिपोर्ट और NIA की जांच से सामने आई जानकारियों के बाद लाल किला हमले के पीछे सक्रिय आतंकी नेटवर्क को लेकर जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है।
