प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में तीन अहम फैसलों को मंजूरी दी गई है। इन फैसलों की कुल कीमत करीब 2.79 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है। इनमें किसानों से जुड़ा फैसला भी शामिल है।
आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति यानी CCEA ने मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए सभी निर्धारित रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
रबी सीजन की छह प्रमुख फसलों के MSP में बढ़ोतरी की गई है। इनमें गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम शामिल हैं। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम के MSP में की गई है, जिसमें 675 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा हुआ है। वहीं गेहूं के MSP में सबसे कम 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
केंद्र सरकार के मुताबिक, गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम के MSP में यह बढ़ोतरी मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए लागू होगी।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत के आधार पर गेहूं में अनुमानित मार्जिन 106 फीसदी है। सरसों में यह 96 फीसदी, मसूर में 92 फीसदी, चने में 59 फीसदी, जौ में 58 फीसदी और कुसुम में 50 फीसदी है।
सरकार के मुताबिक, रबी फसलों के MSP में यह बढ़ोतरी किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के साथ-साथ फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा देगी।
वहीं कैबिनेट ने क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया है। बैठक में Green Energy Corridor Phase-III को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के बिजली उत्पादन में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी बढ़ाने पर लगातार काम किया जा रहा है।
