मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ, संबद्ध भारतीय मजदूर संघ एवं भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ ने परिवहन निगम के कर्मचारियों से जुड़ी सेवा सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए शासन के समक्ष विभिन्न मांगें और सुझाव प्रस्तुत किए हैं। संघ ने नियमित एवं संविदा कर्मचारियों के हित में सेवा शर्तों, वेतन, चिकित्सा, पदोन्नति और अन्य सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता जताई है।

संघ की ओर से संविदा कर्मचारियों के लिए अलग सेवा नियमावली लागू करने तथा उपलब्ध रिक्त पदों के सापेक्ष पात्र और योग्य संविदा कर्मियों को नियमित किए जाने की मांग की गई है। मृतक आश्रितों को भी क्षेत्रीय स्तर पर उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर नियुक्ति दिए जाने की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है। संविदा कर्मचारियों को ईपीएफ के साथ ईएसआई की सुविधा उपलब्ध कराने और महंगाई के अनुपात में उनके मानदेय में समय-समय पर वृद्धि किए जाने की मांग भी रखी गई है।
महंगाई भत्ते और बोनस का मुद्दा भी उठाया
नियमित कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में वृद्धि के साथ पूर्व में स्वीकृत महंगाई भत्ते की लंबित किस्तों का भुगतान करने की मांग की गई है। संघ ने बोनस अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप दीपावली से पहले कर्मचारियों को बोनस दिए जाने की भी मांग रखी है। चालक-परिचालकों के वेतन से ई-चालान, डीजल औसत, लोड फैक्टर आदि के आधार पर होने वाली कटौती को समाप्त करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

कैशलेस इलाज की सुविधा देने की मांग
कर्मचारियों और उनके परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर संघ ने नियमित, संविदा एवं अन्य पात्र कर्मचारियों के साथ सेवानिवृत्त कार्मिकों को भी राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके अलावा रात्रि विश्राम भत्ते और यात्रा भत्ते की वर्तमान दरों में संशोधन कर उन्हें समयानुकूल किए जाने का सुझाव दिया गया है।

योग्यता और अनुभव के आधार पर पदोन्नति पर जोर
मुरादाबाद क्षेत्र के कर्मचारियों की ओर से योग्यता एवं अनुभव के अनुरूप पदोन्नति के अवसर बढ़ाने की मांग की गई है। संघ ने एमबीए सहित अन्य परास्नातक योग्यताधारी अनुभवी कर्मचारियों को सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के पद पर पदोन्नति देने का सुझाव दिया। साथ ही नियमित व्यवस्था होने तक पात्र कर्मचारियों को प्रभारी सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बनाकर डिपो का प्रभार सौंपने की मांग की गई है।
संविदा परिचालकों का मानदेय 30 हजार करने की मांग
लंबे समय से कार्यरत संविदा परिचालकों के मानदेय में बढ़ोतरी कर इसे 30 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग भी संघ ने रखी है। उनकी शैक्षिक योग्यता एवं अनुभव के अनुरूप जरूरत पड़ने पर लिपिकीय कार्य में समायोजन की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है। आउटसोर्स परिचालकों को संविदा परिचालक के पद पर परिवर्तित करने तथा आईटीआई कर्मचारियों को वरिष्ठता के आधार पर रिक्त पदों के सापेक्ष नियमित करने की मांग भी शामिल है।

रात्रि कार्य करने वाले कर्मचारियों को मिले अतिरिक्त भत्ता
संघ ने रात्रि पाली में कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए रात्रि भत्ता निर्धारित किए जाने की मांग की है। कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रोग्रामर के पद पर कार्यरत कर्मचारियों को भी अन्य कर्मचारियों की भांति फैमिली पास की सुविधा उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया है।
संघ ने अधिकारियों और कर्मचारियों से संबंधित शिकायतों का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने तथा कार्यस्थल पर बेहतर एवं सहयोगात्मक वातावरण बनाए जाने की अपेक्षा भी जताई है।
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की लंबित समस्याओं और मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने से उनका मनोबल बढ़ेगा। इससे कर्मचारियों को बेहतर सेवा सुविधाएं और सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सकेगा तथा परिवहन निगम की यात्री सेवाओं को भी और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
