पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों गुटों के लिए नए नाम और चुनाव चिन्ह तय कर दिए हैं। आयोग के अंतरिम आदेश के तहत ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया है, जबकि रितब्रता बनर्जी के गुट का नाम ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ रखा गया है।
दोनों गुटों को अलग-अलग चुनाव चिन्ह भी आवंटित किए गए हैं। ममता बनर्जी के गुट को ‘फुटबॉल प्लेयर’ और रितब्रता बनर्जी के गुट को ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह मिला है।
यह विवाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद सामने आया था। इसके बाद दोनों पक्षों ने मूल तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह पर अपना दावा पेश किया। मामला चुनाव आयोग तक पहुंचने के बाद आयोग ने ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ के नाम और पार्टी के पारंपरिक दो फूल और घास वाले चुनाव चिन्ह को फिलहाल फ्रीज कर दिया था।
उपचुनाव से पहले मांगे गए थे नाम और चिन्ह
चुनाव आयोग ने दोनों गुटों से पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी उपचुनावों के लिए तीन-तीन वैकल्पिक नाम और चुनाव चिन्ह मांगे थे। इसके बाद आयोग ने दोनों पक्षों के प्रस्तावों पर विचार करते हुए नए नाम और चिन्ह आवंटित किए।
रितब्रता बनर्जी ने फैसले के बाद कहा कि उनके गुट ने सामूहिक रूप से तीन नाम प्रस्तावित किए थे। आयोग ने उन्हें ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह दिया है।
पुराने नाम और चिन्ह के इस्तेमाल पर रोक
अपने अंतरिम आदेश में चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों को आगामी उपचुनावों में ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और उसके पुराने चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया था।
आयोग ने यह भी कहा था कि नए पार्टी नाम मौजूदा नाम से मिलते-जुलते हो सकते हैं, जबकि चुनाव चिन्ह उपलब्ध और अधिसूचित सूची में से चुने जाने हैं।
पश्चिम बंगाल की रेजीनगर और नंदीग्राम सीटों पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को होने हैं। दोनों गुटों के लिए नए नाम और चुनाव चिन्ह इसी चुनावी प्रक्रिया के मद्देनजर तय किए गए हैं।
