मुरादाबाद। जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय पोषण समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में बच्चों के पोषण स्तर में सुधार, आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, पोषण संबंधी योजनाओं की प्रगति, पोषण पुनर्वास केंद्रों की कार्यप्रणाली तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित विभिन्न बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोषण कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराया जाए।
आंगनवाड़ी केंद्रों पर पोषण सुधार के लिए लागू होगा अभिनव प्रयोग
जिलाधिकारी ने आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने और उनके पोषण स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से जनपद के प्रत्येक विकास खंड के 10 चिन्हित आंगनवाड़ी केंद्रों पर विशेष नवाचार शुरू करने के निर्देश दिए। इसके अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बच्चों को पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रशासनिक स्तर से इस योजना के अंतर्गत 15 नवंबर से 15 मार्च तक बच्चों को सप्ताह में दो बार चना, तिल और गुड़ से तैयार पौष्टिक ‘सुपर लड्डू’ उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त सप्ताह में एक बार दूध तथा दो बार मौसमी फल दिए जाने की व्यवस्था प्रस्तावित है। बच्चों को पौष्टिक आहार के प्रति आकर्षित करने के लिए रोस्टेड नमकीन और गुड़ की चिक्की जैसे खाद्य पदार्थों को भी पहल में शामिल किया जाएगा। जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, वितरण की नियमितता और बच्चों को मिलने वाले पोषण लाभ पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इस पहल की निगरानी के लिए संबंधित सुपरवाइजरों को चयनित केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
15 मार्च के बाद गर्मियों के मौसम में बच्चों को सत्तू सहित अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए ‘स्टार ऑफ द मंथ’ पहल पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना पोषण कार्यक्रमों की सफलता के लिए आवश्यक है। इस उद्देश्य से बच्चों और उनके अभिभावकों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। बैठक में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए आकर्षक गतिविधियों के साथ-साथ माह में सर्वाधिक उपस्थिति दर्ज कराने वाले बच्चे को ‘स्टार ऑफ द मंथ’ के रूप में सम्मानित करने की पहल पर जोर दिया गया। इससे बच्चों में केंद्र आने के प्रति रुचि बढ़ाने तथा अभिभावकों को नियमित रूप से बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्र भेजने के लिए प्रेरित करने में सहायता मिलेगी।
पोषण वाटिकाओं को विकसित करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने प्रत्येक विकासखंड के 10 आंगनवाड़ी केंद्रों पर बेहतर पोषण वाटिकाएं विकसित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोषण वाटिकाओं के माध्यम से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। संबंधित अधिकारी केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं, स्वच्छता और पोषण गतिविधियों की नियमित निगरानी करें तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं।
स्थानांतरित तीन सीडीपीओ के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने स्थानांतरित होने के बावजूद नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण न करने वाले तीन बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) के प्रकरण पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि जब तक संबंधित अधिकारी अपनी नवीन तैनाती वाली परियोजना में कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेते, तब तक अक्टूबर माह का वेतन आहरित न किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लिया जाएगा।
पोषण पुनर्वास केंद्रों की व्यवस्थाओं को मजबूती प्रदान करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने ठाकुरद्वारा और बिलारी में 10-10 बेड की क्षमता वाले पोषण पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के लिए शासन स्तर पर स्वीकृति प्राप्त करने हेतु आवश्यक पत्राचार करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों को समय पर उचित उपचार और पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जाएं।
इसके साथ ही पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती होने के बाद 14 दिन से पहले छुट्टी लेकर जाने वाले बच्चों के मामलों की समीक्षा करते हुए उनकी विगत तीन माह की पोषण स्तर संबंधी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे बच्चों की स्थिति का विश्लेषण किया जाए, ताकि उनके पोषण स्तर में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रगति बढ़ाने के निर्देश
बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान जनपद में 96.36 प्रतिशत प्रगति की जानकारी दी गई। कुंदरकी विकासखंड में योजना की प्रगति 84 प्रतिशत पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित सीडीपीओ से कम प्रगति के कारणों की जानकारी ली तथा इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए।
लंबित केंद्रों के कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा बनाए जा रहे नौ केंद्रों के कार्य विगत वर्षों से लंबित रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों में आ रही तकनीकी समस्याओं को तत्काल दूर कराया जाए तथा आवश्यक समन्वय स्थापित कर कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण कराया जाए@शांतन/INN
