मुरादाबाद। भोजपुर थाना क्षेत्र में पैतृक संपत्ति के विवाद को लेकर कथित तौर पर फर्जी बैनामा तैयार कराने, जमीन पर कब्जे की कोशिश करने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। इस मामले में न्यायालय के आदेश पर सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
प्राथमिकी के अनुसार, भोजपुर के मोहल्ला जमीदारान निवासी इंतजार अली पुत्र स्वर्गीय मुमताज अली ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उनके परिवार की पैतृक संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उनके भाई मुख्तार अली ने 23 दिसंबर 1985 को संपत्ति के कानूनी बंटवारे के लिए दीवानी न्यायालय में मुकदमा दायर किया था। प्रार्थना पत्र में वर्ष 1986 में डिक्री होने का भी उल्लेख किया गया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विवादित संपत्ति को लेकर कुछ लोगों ने आपस में मिलीभगत कर कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार किए। आरोप है कि 27 अगस्त 2026 को कूटरचित बैनामा तैयार कराया गया और 29 अगस्त 2026 को मुरादाबाद स्थित उपनिबंधक कार्यालय में उसका पंजीकरण करा दिया गया।
कब्जे का विरोध करने पर धमकी देने का आरोप
इंतजार अली की शिकायत के अनुसार, 7 सितंबर 2026 को सुबह करीब नौ बजे नामजद लोग कथित रूप से विवादित संपत्ति पर कब्जा करने पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ गाली-गलौज की गई और संपत्ति पर कब्जा नहीं करने देने अथवा कानूनी कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के बाद से परिवार के भयभीत और परेशान होने की बात भी प्रार्थना पत्र में कही गई है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने 7 सितंबर को भोजपुर थाने में प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद 29 सितंबर 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुरादाबाद को भी पंजीकृत डाक के माध्यम से शिकायत भेजी गई। आरोप है कि इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
ये सात लोग किए गए नामजद
प्राथमिकी में नामजद आरोपियों के रूप में शाहिद अली, मुनाजिर हुसैन, श्रीमती शाहजहां, मुरसर्त अली, फरमान, मोहम्मद असलम और मोहम्मद तहसीन के नाम दर्ज हैं। शिकायतकर्ता ने इन लोगों पर कथित रूप से फर्जी बैनामा तैयार कराने, विवादित संपत्ति पर कब्जे की कोशिश करने और विरोध करने पर धमकी देने के आरोप लगाए हैं।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
एफआईआर के मुताबिक, न्यायालय के आदेश पर भोजपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 61(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। प्राथमिकी 16 अक्टूबर 2026 को दर्ज हुई। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अनुज कुमार को सौंपी गई है@जफर/INN
