मुख्य न्यायाधीश (CJI) को लेकर केरल कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की गई आपत्तिजनक पोस्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने मामले में केरल कांग्रेस के सभी संबंधित पदाधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि उनके खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अदालत का संयम उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी को भी कुछ भी कहने की छूट नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि संविधान सर्वोच्च है और न्यायपालिका उसी के दायरे में रहकर अपना कर्तव्य निभाती है। उसे किसी राजनीतिक दल या संस्था की सहमति की आवश्यकता नहीं है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियों से सख्ती से निपटा जाएगा। वहीं, केरल कांग्रेस की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि संबंधित पक्ष बिना शर्त माफी मांगते हुए हलफनामा दाखिल करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 15 नवंबर की तारीख तय की है। साथ ही पदाधिकारियों को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दे दी है।
