दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। राजधानी के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में पहुंच गई है। कुछ स्थानों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 450 से भी ऊपर दर्ज किया गया है। बिगड़ते हालात को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण यानी GRAP-3 की पाबंदियां लागू कर दी हैं।
दिल्ली का औसत AQI 382 दर्ज होने के बीच प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए यह कदम उठाया गया है। GRAP-3 के तहत गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल चार पहिया वाहनों के संचालन पर भी प्रतिबंध रहेगा। निर्माण सामग्री के परिवहन, स्टोन क्रशर और कुछ औद्योगिक गतिविधियों पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं।
नियमों के तहत डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी, हालांकि आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं को छूट दी गई है। दिल्ली में आने-जाने वाली इंटरस्टेट डीजल बसों पर भी प्रतिबंध लागू होगा। निजी कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड व्यवस्था अपनाने की सलाह दी गई है। वहीं, छोटे बच्चों को प्रदूषण से बचाने के लिए पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई ऑनलाइन कराने का निर्देश दिया गया है।
हालांकि रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, रक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी जरूरी परियोजनाओं को निर्धारित नियमों के पालन के साथ काम जारी रखने की अनुमति होगी।
शाम 4 बजे तक प्रमुख इलाकों का AQI:
- दिल्ली – 382
- अलीपुर – 427
- आनंद विहार – 311
- अशोक विहार – 344
- आया नगर – 396
- बवाना – 428
- बुराड़ी – 404
- चांदनी चौक – 403
- DTU – 445
- द्वारका – 425
- जहांगीरपुरी – 449
- मुंडका – 438
- नरेला – 425
- पंजाबी बाग – 455
- रोहिणी – 449
- नोएडा – 303
- ग्रेटर नोएडा – 316
लगातार बिगड़ती हवा ने दिल्ली-NCR के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि GRAP-3 की पाबंदियों से प्रदूषण के स्तर में कितनी कमी आती है।
