रामनगरी अयोध्या में 9वें दीपोत्सव की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. राम की पैड़ी समेत सरयू तट पर बने 56 घाटों पर 28 लाख से अधिक दीप सजाए गए हैं. इनमें 26 लाख 11 हजार 101 प्रज्वलित दीयों का कीर्तिमान स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है. गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम यहां पहुंच चुकी है. सूर्यास्त होते ही दीये प्रज्वलित कर दिए जाएंगे. इससे पहले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंचे. उन्होंने यहां पुष्पक विमान रूपी हेलीकॉप्टर से राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान के स्वरूपों का रामकथा पार्क हेलीपैड पर अगवानी की. यहां राम जानकी की वंदना के साथ भरत मिलाप भी हुआ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामकथा पार्क के मंच पर श्रीराम का राजतिलक किया. श्रीराम राज्याभिषेक समारोह के दौरान रामकथा पार्क जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा. सीएम योगी ने श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और गुरु वशिष्ठ का भी तिलक कर माल्यार्पण किया और आरती उतारी.
योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा, ‘आज प्रदेश में कानून का राज है. पहले त्योहारों के समय दंगे होते थे. पहले लोग सोच नहीं सकते थे कि प्रदेश में शांति हो भी सकती है. आठ साल के बाद यूपी माफियाराज और गुंडाराज से मुक्त हो चुका है. अब प्रदेश के सामने पहचान का संकट नहीं है. अब अपराधी भयभीत हैं. किसान खुशहाल हैं. युवाओं के लिए अवसर हैं और महिलाएं सुरक्षित महसूस करती हैं. हर हृदय में उत्साह और उमंग है.
सीएम योगी ने कहा, ‘हर दीप हमें याद दिलाता है कि सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं हो सकता. सत्य की नियति होती है विजयी होने की. विजयी होने की उस नियति के साथ सनातन धर्म लगातार 500 वर्षों तक संघर्ष करता रहा. उन संघर्षों की परिणति स्वरूप अयोध्या में भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण हुआ.’ – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दीपोत्सव के मौके पर अपने संबोधन में बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘जो लोग राम भक्तों पर गोलियां चलवाते हैं वो राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा मे नहीं आते हैं. उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर ना बने इसके लिए अधिवक्ता खड़े किए. उन्होंने गोली चलाई, हम दीप जला रहे हैं. उन्होंने अयोध्या को फैजाबाद बनाया था, हमने फिर से अयोध्या बना दिया.’
अयोध्या दीपोत्सव के अवसर पर बोलते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘ये दीपक केवल दीपक नहीं हैं; ये दीपक 500 वर्षों के अंधकार पर आस्था की विजय के प्रतीक भी हैं. ये दीपक इस बात के प्रतीक हैं कि उन 500 वर्षों में हमें किस प्रकार का अपमान सहना पड़ा और हमारे पूर्वजों को किस प्रकार के संघर्ष करने पड़े. उस समय भगवान श्री राम एक तंबू में विराजमान थे और अब, जब दीपोत्सव का 9वां संस्करण मनाया जा रहा है, भगवान राम अपने भव्य और दिव्य मंदिर में विराजमान हैं.’
