सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के अहमदाबाद में इस साल जून में हुए एयर इंडिया प्लेन क्रैश मामले में केंद्र सरकार और डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को नोटिस जारी किया है. यह नोटिस एयर इंडिया के एक पायलट के पिता की ओर से अहमदाबाद प्लेन क्रैश की न्यायिक जांच की मांग वाली याचिका पर जारी किया गया है. याचिका में घटना के कारणों का पता लगाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र जांच की मांग की गई है. इस मामले पर अगली सुनवाई अब अगले सप्ताह होगी.
सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस जे सूर्यकांत की पीठ ने एयर इंडिया अहमदाबाद प्लेन क्रैश से जुड़ी गलत रिपोर्टिंग पर चिंता जताई. पीठ ने कहा कि इस दुखद घटना के लिए पायलट को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए, जिसमें उसकी भी जान चली गई. सुप्रीम कोर्ट ने मारे गए पायलट के 91 वर्षीय पिता से कहा कि आपको अपने ऊपर बोझ नहीं रखना चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “एयर इंडिया अहमदाबाद दुर्घटना के लिए पायलट को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। यह एक दुखद घटना है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट में पायलट की गलती नहीं बताई गई है.” आगे कहा, “ऐसी गलत रिपोर्टिंग नहीं होनी चाहिए।” एयरक्राफ्ट (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियमों का हवाला देते हुए, जस्टिस बागची ने कहा कि ऐसी घटनाओं की जांच के लिए विशिष्ट प्रावधान हैं. सुप्रीम कोर्ट ने जोर देकर कहा कि शुरुआती रिपोर्ट पायलट की ओर से किसी भी गलती का संकेत नहीं देती है.
मृतक पायलट के पिता के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पीठ ने कहा कि वह याचिकाकर्ता के दर्द और निष्पक्ष जांच के महत्व को समझती है याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने कहा, “नियम 11 दुर्घटनाओं के लिए है, यह एक दुर्घटना थी. नियम 9 के तहत केवल शुरुआती जांच हुई है. हम एक उचित स्वतंत्र जांच चाहते हैं.”
