गुजरात ATS को एक बड़ी सफलता मिली है. लंबे समय से रडार पर चल रहे ISIS से जुड़े तीन आतंकियों को एक संयुक्त ऑपरेशन में गिरफ्तार कर लिया गया. ये तीनों एक साल से ज्यादा समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में थे और आतंकी हमले की साजिश रच रहे थे.
ये तीनों आतंकी ISIS से जुड़े दो अलग-अलग मॉड्यूल का हिस्सा बताए जा रहे हैं. गुजरात ATS पिछले एक साल से ज्यादा समय से इनपर नजर बनाए हुए थी और इन्हें ट्रैक कर रही थी. ये तीनों आरोपी हथियार बदलने के लिए गुजरात पहुंचे थे. एजेंसियों को इनकी मूवमेंट और प्लान की सूचनाएं पहले से मिली थीं. जैसे ही वे राज्य के अंदर पहुंचे, ATS की टीम ने दबिश देकर सभी को गिरफ्तार कर लिया.
दो आतंकी वेस्टर्न यूपी के रहने वाले हैं. जबकि एक हैदराबाद का निवासी है. सभी आतंकियों की उम्र करीब 30 से 35 साल है और तीनों ट्रेंड आतंकी हैं.
गुजरात ATS और केंद्रीय एजेंसियों ने संयुक्त अभियान में तीन आतंकियों को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है. इन आतंकियों में चीन से MBBS कर चुका 35 वर्षीय ड्रॉक्टर अहमद मोहिउद्दीन सैयद भी शामिल है, जो ISKP से जुड़े विदेश में बैठे कट्टरपंथियों के संपर्क में था. अहमद के साथ उसके दो साथी मोहम्मद सुहेल और आज़ाद सैफी भी पकड़े गए हैं. ATS के अनुसार, ये तीनों अहमदाबाद, लखनऊ और दिल्ली में आतंकी हमले की तैयारी कर रहे थे और उन्हें लंबे समय से निगरानी में रखा गया था.
ATS ने दावा किया कि तीनों आतंकवादियों की एक साल से ज्यादा समय से निगरानी की जा रही थी. इनकी लोकेशन लगातार ट्रेस हो रही थी और हर मूवमेंट पर नजर थी. ये तीनों ISIS के खतरनाक विंग ISKP (Islamic State Khorasan Province) से जुड़े दो अलग-अलग मॉड्यूल का हिस्सा बताए जा रहे हैं.
गुजरात ATS के DIG सुनील जोशी के मुताबिक, हैदराबाद निवासी 35 वर्षीय अहमद मोहिउद्दीन के बारे में कई महीनों से इनपुट मिल रहे थे कि वो कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल है. इसी आधार पर ATS उसकी हर गतिविधि पर नजर रख रही थी.
ATS ने अहमद को दो दिन पहले अड़ालज टोल प्लाजा के पास से उस समय दबोचा, जब वो कार में हथियार और एक ‘लिक्विड केमिकल’ लेकर गुजर रहा था. पूछताछ के बाद पता चला कि वो विदेश में बैठे ISKP के व्यक्तियों के संपर्क में था. वह दो और कट्टरपंथी युवकों मोहम्मद सुहेल और आजाद सैफी के साथ मिलकर आतंकी वारदात की तैयारी कर रहा था.
ATS की जांच में सामने आया कि यह मॉड्यूल बेहद रेडिकल था और अहमदाबाद, लखनऊ और दिल्ली की ग्राउंड रेकी कर चुका था. इनकी योजना किसी बड़े हमले का ब्लूप्रिंट बनाने की थी.
