मुरादाबाद। भारत रत्न स्व. चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर मंगलवार को जनपद मुरादाबाद में किसान सम्मान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत भवन परिसर, कम्पनी बाग में किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी अनुज सिंह ने की। मुख्य अतिथि के रूप में मण्डलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह मौजूद रहे।

भारत रत्न चौधरी चरण सिंह को दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत भारत रत्न स्व. चौधरी चरण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई। उपस्थित अधिकारियों, किसान संगठनों के प्रतिनिधियों एवं किसानों ने उनके जीवन, विचारों और किसान हितों के लिए किए गए कार्यों को याद किया।
कृषि विकास के विस्तार पर दिया गया जोर
मण्डलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने कहा कि जनपद में दुग्ध विकास और सहकारी समितियों को मजबूत किया जाना आवश्यक है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे स्वयं को सम्मान की दृष्टि से देखें, क्योंकि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान ही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को एकजुट होकर समस्याओं का समाधान तलाशना चाहिए।

कृषि, उद्यान व पशुपालन क्षेत्र में उत्कृष्ट किसानों का सम्मान
किसान सम्मान समारोह में कृषि, उद्यान, गन्ना एवं पशुपालन विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कुल 35 किसानों तथा तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय द्वारा चयनित 10 किसानों को प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
प्रथम पुरस्कार विजेता को ₹7000 तथा द्वितीय पुरस्कार विजेता को ₹5000 की धनराशि उनके खातों में स्थानांतरित की जाएगी।
इसके अतिरिक्त विभिन्न किसान संगठनों के माध्यम से कुल 100 किसानों को सम्मानित किया गया।

कृषि योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम में कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत सोलर पंप स्थापना हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 है, जिस पर 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
फसल बीमा व बिजली बिल राहत पर भी चर्चा
अधिकारियों ने किसानों को फसल बीमा की अंतिम तिथि से पूर्व बीमा कराने की अपील की। साथ ही यह जानकारी दी गई कि किसानों के लिए बिजली बिल में ब्याज माफ कर मूल धनराशि किश्तों में जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

विशेषज्ञों ने दी खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने रबी फसलों—गेहूं, सरसों, सब्जियों एवं उद्यान फसलों की उन्नत खेती पर विस्तार से जानकारी दी। जैविक खेती एवं मोटे अनाज की खेती पर भी विशेष चर्चा की गई।
अधिकारी व किसान रहे मौजूद
कार्यक्रम में संयुक्त कृषि निदेशक, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, उद्यान एवं गन्ना विभाग के अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारी, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन कृषि विभाग से सेवानिवृत्त श्री चन्द्रहास द्वारा किया गया।
