24 दिसंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने दिल्ली मेट्रो के Phase 5A (फेज 5ए) विस्तार योजना को हरी झंडी दे दी है। 12,015 करोड़ रुपये के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को दिल्ली-NCR के लिए “न्यू ईयर गिफ्ट” माना जा रहा है, जिससे न केवल ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी बल्कि प्रदूषण में भी कमी आएगी।
प्रोजेक्ट का मुख्य विवरण:
- कुल लंबाई: लगभग 16 किलोमीटर का नया ट्रैक बिछाया जाएगा।
- नए स्टेशन: इस विस्तार में कुल 13 नए मेट्रो स्टेशन जोड़े जाएंगे。
- स्टेशनों का प्रकार: कुल 13 स्टेशनों में से 10 स्टेशन भूमिगत (Underground) और 3 स्टेशन एलिवेटेड होंगे।
- समय सीमा: इस प्रोजेक्ट को अगले 3 वर्षों (लगभग 2028-29 तक) में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
तीन प्रमुख नए कॉरिडोर:
इस योजना के तहत दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में तीन महत्वपूर्ण कड़ियां जोड़ी जाएंगी:
रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ (9.9 किमी):
- यह पूरी तरह से भूमिगत (Underground) कॉरिडोर होगा।
- इसमें 9 स्टेशन होंगे: इंद्रप्रस्थ, भारत मंडपम, बड़ौदा हाउस, इंडिया गेट, कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, युग युगीन भारत संग्रहालय, शिवाजी स्टेडियम और आर.के. आश्रम मार्ग।
- यह कॉरिडोर कर्तव्य पथ और इंडिया गेट के पास कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा और राजीव चौक जैसे भीड़भाड़ वाले स्टेशनों का लोड कम करेगा।
एयरोसिटी से एयरपोर्ट टर्मिनल-1 (2.3 किमी):
- यह भूमिगत विस्तार एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 (T1) को टर्मिनल-3 (T3) और एयरोसिटी से सीधे मेट्रो लिंक प्रदान करेगा।
- इससे यात्रियों को टर्मिनलों के बीच आवाजाही में आसानी होगी।
तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज (3.9 किमी):
- यह एलिवेटेड (ऊंचा) कॉरिडोर होगा जिसमें अली विलेज और मदनपुर खादर जैसे क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा।
- यह वॉयलेट लाइन (तुगलकाबाद) और मजेंटा लाइन (कालिंदी कुंज) के बीच एक महत्वपूर्ण इंटरचेंज का काम करेगा।
प्रोजेक्ट के बड़े फायदे:
- नेटवर्क की लंबाई: इस विस्तार के बाद दिल्ली मेट्रो का कुल परिचालन नेटवर्क 400 किलोमीटर को पार कर जाएगा।
- प्रदूषण में कमी: अनुमान है कि इस विस्तार से सालाना 33,000 टन कार्बन उत्सर्जन (CO2) कम होगा।
- बेहतर कनेक्टिविटी: दक्षिण दिल्ली, मध्य दिल्ली और एयरपोर्ट के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
