जामा मस्जिद के पास स्थित आठ बीघा कब्रिस्तान की पैमाइश (भूमि मापन) का कार्य निर्धारित योजना के अनुसार शुरू कर दिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था: किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सोमवार शाम को एएसपी (ASP), एसडीएम (SDM) और सीओ (CO) के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने फ्लैग मार्च किया।
सुरक्षा बल: इस मार्च में स्थानीय पुलिस के साथ-साथ आरआरएफ (RRF) और पीएसी (PAC) की टुकड़ियां भी शामिल रहीं ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रहे।
कब्रिस्तान की लगभग 0.470 हेक्टेयर भूमि पर कथित अवैध निर्माणों (करीब 20-25 दुकानें और मकान) की पहचान करना है। आरोप है कि 1980 के दशक में यह जमीन खाली थी, लेकिन पिछले 20-25 वर्षों में इस पर कब्जा किया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम पैमाइश कर रही है, जिसमें 22 लेखपाल और 4 कानूनगो सहित कुल 26 से 29 अधिकारी शामिल हैं।
सुरक्षा व्यवस्था: सुरक्षा के मद्देनजर इलाके को ‘छावनी’ में तब्दील कर दिया गया है। 500 से अधिक पुलिसकर्मी, 8 थानों की फोर्स, पीएसी (PAC) की 3 कंपनियां और आरएएफ (RAF) की एक कंपनी तैनात की गई है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही है।
श्री कल्कि सेना के सुभाष त्यागी की शिकायत पर यह कार्रवाई हो रही है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा में इन्हीं अवैध निर्माणों की छतों का उपयोग पथराव के लिए किया गया था।
