रविवार शाम जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों—सांबा, राजौरी और पुंछ—में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (LoC) के पास कई संदिग्ध ड्रोन देखे गए। ड्रोन मूवमेंट की सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सतर्क हो गईं।
ड्रोन मूवमेंट की संख्या:
अधिकारियों के अनुसार, अलग-अलग सेक्टरों में कम से कम पांच ड्रोन की गतिविधि दर्ज की गई। आशंका जताई जा रही है कि इनका इस्तेमाल निगरानी या घुसपैठ से जुड़ी किसी साजिश के लिए किया जा सकता है।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई:
ड्रोन दिखते ही सेना, बीएसएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। सीमावर्ती गांवों और जंगल क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि या सामग्री का पता लगाया जा सके।
हाई अलर्ट और निगरानी:
घटना के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। ड्रोन रोधी सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं और सीमा पर निगरानी और गश्त को और सख्त किया गया है।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं:
जम्मू-कश्मीर में पहले भी कई बार पाकिस्तानी ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थ गिराने की कोशिशों के मामले सामने आ चुके हैं। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरत रही हैं।
