मुरादाबाद। सदर कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित नगर निगम की 488 दुकानों को लेकर हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। वर्षों से नगर निगम के पट्टे पर संचालित इन दुकानों पर हाल ही में स्क्वायर फीट के आधार पर नया किराया लागू किया गया है, जिससे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ अचानक कई गुना बढ़ गया है। इस निर्णय से नाराज़ व्यापारियों में आक्रोश फैल गया है।

नगर निगम के इस फैसले के विरोध में व्यापारियों ने अनिश्चितकालीन बाजार बंद रखने का एलान किया था। शनिवार से ही बाजारों में विरोध के संकेत दिखने लगे थे। रविवार को बड़ी संख्या में व्यापारी पीली कोठी स्थित नगर निगम के कैंप कार्यालय पहुंचे, जहां मेयर प्रतिनिधि माफ एवं विनोद अग्रवाल के साथ किराया बढ़ोतरी को लेकर बातचीत हुई।

हालांकि बैठक के बाद बाजार में हालात और उलझते नजर आए। एक ओर जहां कई व्यापारी नगर निगम की किराया नीति के खिलाफ एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करते रहे, वहीं दूसरी ओर कुछ दुकानदारों द्वारा आंशिक रूप से शटर खोलकर व्यापार शुरू कर दिया गया। इस दोहरी स्थिति ने आंदोलन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए।
जैसे ही बंद समर्थक व्यापारियों को दुकानों के खुलने की सूचना मिली, बड़ी संख्या में व्यापारी मौके पर पहुंच गए और खुली दुकानों को बंद कराने का प्रयास किया गया। इससे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और तनाव और अधिक बढ़ गया।

सूत्रों के अनुसार, पूर्व में नगर निगम इन दुकानों से लगभग 6,100 रुपये वार्षिक किराया वसूल करता था, जिसे बढ़ाकर सीधे करीब 68,000 रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है। इतनी बड़ी बढ़ोतरी से छोटे व्यापारियों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
फिलहाल 488 दुकानों से जुड़ा यह मामला केवल किराया वृद्धि तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह नगर निगम की नीतियों और कार्यशैली पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर रहा है। मौजूदा हालात को देखते हुए आने वाले दिनों में यह विवाद और उग्र रूप ले सकता है।
