उत्तर प्रदेश सरकार ने आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला लिया है। अब 19 अप्रैल से प्रदेश के 9 बड़े जिलों में रविवार के दिन भी बैनामा और पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध होगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य खासतौर पर उन लोगों को राहत देना है, जो कामकाजी दिनों में समय नहीं निकाल पाते और संपत्ति से जुड़े जरूरी काम टालते रहते हैं।
सरकार के आदेश के मुताबिक, जिन जिलों में एक से ज्यादा उप निबंधक कार्यालय हैं, वहां रोटेशन सिस्टम लागू किया जाएगा। यानी हर रविवार एक कार्यालय खुला रहेगा, ताकि लोगों को बिना किसी परेशानी के सेवाएं मिल सकें। यह फैसला फरवरी में मिले प्रस्तावों के आधार पर लिया गया है, जिससे पंजीकरण प्रक्रिया को और आसान बनाया जा सके।
इस सुविधा का लाभ मेरठ, अलीगढ़, आगरा, कानपुर नगर, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), लखनऊ, वाराणसी और सहारनपुर जैसे प्रमुख जिलों के लोगों को मिलेगा। अब इन शहरों के नागरिकों को रजिस्ट्री के लिए छुट्टी लेने या लंबे समय तक इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इसके साथ ही रजिस्ट्री दफ्तरों के समय में भी बदलाव किया गया है। तय उप निबंधक कार्यालय अब दोपहर 1 बजे से रात 8 बजे तक खुले रहेंगे। मेरठ में सदर द्वितीय उप निबंधक कार्यालय को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां देर शाम तक बैनामा, विवाह पंजीकरण और अन्य जरूरी काम किए जा सकेंगे।
अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि राजस्व कार्यों में भी तेजी आएगी। डिजिटल युग और व्यस्त जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई यह व्यवस्था पंजीकरण प्रक्रिया को और ज्यादा सुविधाजनक बनाएगी। अब रविवार को भी एक ही स्थान पर संपत्ति से जुड़े सभी काम आसानी से हो सकेंगे, जिससे भीड़ का दबाव भी बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा।
