मुरादाबाद। बिजली विभाग से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां भ्रष्टाचार और अधिकारियों के व्यवहार दोनों पर सवाल खड़े हो गए हैं। दलपतपुर विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र में तैनात एक संविदा मीटर रीडर पर उपभोक्ता से बिजली बिल के नाम पर 25 हजार रुपये लेकर फर्जी रसीद देने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि रकम सरकारी खाते में जमा करने के बजाय उसने अपने पास रख ली।
जानकारी के अनुसार, रसूल नगला गांव के एक उपभोक्ता ने करीब 10 दिन पहले बकाया बिजली बिल मीटर रीडर मतलूब उर्फ रानू (35) को सौंपा था। रानू ने उपभोक्ता को रसीद तो दी, लेकिन बाद में वह फर्जी साबित हुई। जब विभाग की ओर से दोबारा बकाया जमा करने का नोटिस मिला, तो उपभोक्ता को ठगी का एहसास हुआ।
ग्रामीणों ने पकड़कर पहुंचाया कार्यालय
शनिवार को उपभोक्ता ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आरोपी मीटर रीडर को पकड़ लिया और सीधे एसडीओ कार्यालय ले पहुंचे। यहां मामला नया मोड़ लेता है।
एसडीओ ने दी ‘मुर्गा बनने की सजा’, वीडियो हुआ वायरल
ग्रामीणों के आक्रोश के बीच एसडीओ आर.एन. राठौर ने आरोपी मीटर रीडर को दफ्तर के बाहर कथित तौर पर ‘मुर्गा’ बना दिया। लगभग आधे घंटे तक चली इस सजा का वीडियो वहां मौजूद लोगों ने बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद विभाग की कार्यशैली और अनुशासन पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
मामले को दबाने की कोशिश के आरोप
वीडियो वायरल होने के बाद बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों पर मामले को दबाने की कोशिश के आरोप भी लग रहे हैं। हालांकि मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
चीफ इंजीनियर ने दिए जांच के आदेश
चीफ इंजीनियर अशोक कुमार चौरसिया ने मामले का संज्ञान लेते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया मीटर रीडर द्वारा उपभोक्ता से धन लेकर फर्जी रसीद देने की पुष्टि हुई है। इसके चलते उसकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। साथ ही, एसडीओ की भूमिका की जांच अधिशासी अभियंता-2 को सौंपी गई है।
