मुरादाबाद। लालबाग स्थित सिद्धपीठ श्री काली माता मंदिर को उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने महत्वाकांक्षी ‘शक्ति चक्र’ धार्मिक पर्यटन सर्किट में शामिल कर लिया है। इस फैसले के साथ ही अब यह प्राचीन आस्था केंद्र प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक प्रमुख धार्मिक गंतव्य के रूप में उभरने की दिशा में अग्रसर हो गया है।
सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को संगठित और आकर्षक बनाना है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति मिले। इसी कड़ी में पर्यटन विभाग ने मंदिर परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। आने वाले समय में यहां चौड़ी और सुगम सड़कें, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, पार्किंग स्थल और सूचना केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे श्रद्धालुओं को अधिक सुव्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।

गौरतलब है कि करीब छह महीने पहले ही पर्यटन विभाग द्वारा मंदिर के विकास के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। इस बजट के तहत दो नए कमरों का निर्माण, शौचालय और टीन शेड जैसे आवश्यक कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जबकि अन्य विकास कार्य प्रगति पर हैं। मंदिर के महंत हितेश्वर गिरि महाराज ने भी इन विकास कार्यों और प्राप्त धनराशि की पुष्टि की है।
योजना के दूसरे चरण में इस मंदिर को प्रदेश के अन्य प्रमुख शक्तिपीठों के साथ जोड़कर ‘शक्ति चक्र’ के रूप में व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाएगा। इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, पर्यटन मेले और विभिन्न धार्मिक आयोजनों का सहारा लिया जाएगा, ताकि देश-विदेश के श्रद्धालु यहां तक आकर्षित हो सकें।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से न केवल श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होगा, बल्कि मुरादाबाद के स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प उद्योग और रोजगार के नए अवसरों को भी मजबूती मिलेगी।
