देश में अब ‘वंदे मातरम्’ को लेकर बड़े बदलाव की तैयारी है. केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के बराबर दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही अब इसके सम्मान और प्रस्तुति को लेकर सख्त नियम लागू किए जाएंगे.
सरकार ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम’ में संशोधन करने जा रही है. जैसे ही यह बदलाव लागू होगा, ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करना भी उसी तरह अपराध माना जाएगा, जैसे राष्ट्रगान का अपमान माना जाता है. अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर इसके गायन में रुकावट डालता है या कार्यक्रम में हंगामा करता है, तो उसे तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है. वहीं दोबारा ऐसा करने पर कम से कम एक साल की सजा अनिवार्य हो सकती है.
नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, ‘वंदे मातरम्’ का आधिकारिक संस्करण करीब 3 मिनट 10 सेकंड का होगा और इसे बड़े सरकारी कार्यक्रमों में गाया या बजाया जाएगा. इनमें ध्वजारोहण, राष्ट्रपति और राज्यपालों के आधिकारिक समारोह और सरकारी आयोजन शामिल हैं.
सरकार ने यह भी साफ किया है कि अगर किसी कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान दोनों होंगे, तो सबसे पहले ‘वंदे मातरम्’ गाया जाएगा और उसके बाद राष्ट्रगान होगा. दोनों के दौरान लोगों को सम्मान में खड़े रहना होगा.
हालांकि फिल्मों और सिनेमा हॉल के लिए कुछ छूट दी गई है. अगर किसी फिल्म के बैकग्राउंड या साउंडट्रैक में ‘वंदे मातरम्’ बजता है, तो दर्शकों के लिए खड़ा होना जरूरी नहीं होगा।
