कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप पर नोरोवायरस संक्रमण फैलने से यात्रियों में हड़कंप मच गया है। जहाज पर सवार 3116 यात्रियों में से 102 यात्री और 13 क्रू सदस्य बीमार हो गए, यानी कुल 115 लोग संक्रमण की चपेट में आए हैं। यह क्रूज यात्रा 28 अप्रैल को फोर्ट लॉडरडेल से शुरू हुई थी और 11 मई को पोर्ट कैनावेरल पहुंचने वाली है। सफर के दौरान जहाज अरूबा, बोनेर, प्यूर्टो रिको और बहामास जैसे कई पर्यटन स्थलों पर रुका था।
अमेरिका की स्वास्थ्य एजेंसी CDC के मुताबिक संक्रमित लोगों में उल्टी और दस्त जैसे लक्षण पाए गए हैं। प्रिंसेस क्रूज कंपनी ने इसे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल यानी पेट से जुड़ी बीमारी बताया है। नोरोवायरस एक बेहद संक्रामक वायरस माना जाता है, जो पेट और आंतों को प्रभावित करता है और तेजी से फैलता है। बंद और भीड़भाड़ वाली जगहों, खासकर क्रूज शिप जैसे माहौल में इसका खतरा ज्यादा बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क, दूषित भोजन या पानी और संक्रमित सतहों को छूने से फैल सकता है। जहाज पर हजारों लोग लंबे समय तक साथ रहते हैं और साझा सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा बना रहता है।
CDC ने बताया कि यात्रा के दौरान धीरे-धीरे संक्रमितों की संख्या बढ़ती गई। जब बीमार लोगों की संख्या कुल यात्रियों के 3 प्रतिशत से ज्यादा हो गई, तब सार्वजनिक स्वास्थ्य अलर्ट जारी किया गया। अब वेसल सैनिटेशन प्रोग्राम के तहत जहाज की गहन जांच की जा रही है।
प्रिंसेस क्रूज कंपनी ने संक्रमण रोकने के लिए जहाज पर सफाई और डिसइंफेक्शन बढ़ा दिया है। संक्रमित यात्रियों और क्रू सदस्यों को अलग रखा गया है और उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। CDC के साथ मिलकर हालात पर नजर रखी जा रही है।
नोरोवायरस संक्रमण में अचानक उल्टी, पानी जैसे दस्त, पेट दर्द, मतली, हल्का बुखार और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। आमतौर पर मरीज 1 से 3 दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा रहता है। फिलहाल इस प्रकोप में अधिकतर मामलों को हल्का बताया गया है।
