नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप 1 जुलाई 2026 से कक्षा नौवीं के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य कर दिया है। नए दिशानिर्देशों के अनुसार, इन तीन भाषाओं में से कम से कम दो भाषाएं मूल भारतीय भाषाएं होनी चाहिए।
बोर्ड ने अपनी अधिसूचना में इस बात को पूरी तरह स्पष्ट किया है कि छात्रों पर से परीक्षा का अतिरिक्त दबाव कम करने और उनका ध्यान पूरी तरह सीखने पर केंद्रित रखने के लिए कक्षा दसवीं के स्तर पर तीसरी भाषा (R3) के लिए कोई बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। तीसरी भाषा के लिए सभी मूल्यांकन पूरी तरह से स्कूल-आधारित और आंतरिक होंगे। इस तीसरी भाषा में छात्रों के प्रदर्शन को सीबीएसई प्रमाण पत्र में विधिवत दर्शाया जाएगा।
बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि इस बदलाव के कारण किसी भी छात्र को कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं में बैठने से नहीं रोका जाएगा। इसके लिए सैंपल प्रश्न पत्र और आंतरिक मूल्यांकन के नियम जल्द ही बोर्ड द्वारा साझा किए जाएंगे।
स्कूल स्वायत्तता और ओएसआईएस अपडेट को लेकर बोर्ड ने कहा है कि स्कूल सीबीएसई की भाषाओं की सूची में से किसी भी भाषा का चयन कर सकते हैं, बशर्ते कि उनमें से कम से कम दो भाषाएं मूल भारतीय भाषाएं हों। स्कूलों से यह भी अनुरोध किया गया है कि वे नीतिगत सिफारिशों के अनुसार कक्षा छठी से नौवीं के लिए अपने ओएसआईएस पोर्टल पर 30 जून 2026 तक तीसरी भाषा की उपलब्धता को अपडेट कर दें।
इसके साथ ही बोर्ड ने कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट का प्रावधान भी किया है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CwSN) को अधिकार अधिनियम 2016 के तहत छूट दी जाएगी, जिसमें लागू होने पर दूसरी या तीसरी भाषा से छूट शामिल है। इसके अलावा भारत से बाहर स्थित सीबीएसई स्कूलों और भारत वापस आने वाले विदेशी छात्रों को भी दो मूल भारतीय भाषाओं की आवश्यकता से मामले-दर-मामले के आधार पर छूट दी जा सकती है।
बोर्ड ने दोहराया है कि ये संक्रमणकालीन उपाय पूरी तरह से छात्रों के हितों की रक्षा करते हुए राष्ट्रीय नीति के साथ तालमेल बिठाने के लिए तैयार किए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा के दबाव पर नहीं, बल्कि आनंददायक और अर्थपूर्ण भाषा सीखने पर है। स्कूलों से अनुरोध किया गया है कि वे इन प्रावधानों को शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों तक सकारात्मक रूप से पहुंचाएं। किसी भी स्पष्टीकरण के लिए स्कूल सीबीएसई शैक्षणिक इकाई से संपर्क कर सकते हैं।
