हाईवे के ढाबों पर यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे, वारदात दबाने में जुटी रही पुलिस!
अमरोहा। दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे-9 पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अमरोहा के रजबपुर थाना क्षेत्र स्थित मोगा ढाबे पर रुकी रोडवेज एसी बस से मर्चेंट नेवी इंजीनियर का बैग चोरी होने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद पुलिस पूरे मामले को दबाने और शांत तरीके से निपटाने में जुटी रही, जबकि पीड़ित के बैग में विदेशी मुद्रा, पासपोर्ट, लैपटॉप और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद थे।
जानकारी के मुताबिक मर्चेंट नेवी इंजीनियर यशपाल सिंह विदेश से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। वहां से वह कौशांबी बस अड्डे से बरेली जाने वाली यूपी रोडवेज की वातानुकूलित बस में सवार हुए। रास्ते में बस रजबपुर थाना क्षेत्र स्थित मोगा ढाबे पर रुकी, जहां चालक और परिचालक भोजन करने चले गए। इसी दौरान यशपाल सिंह भी बस से नीचे उतर गए।

इसी मौके का फायदा उठाकर पहले से घात लगाए बैठे शातिर बदमाश ने बस में प्रवेश किया और सीट पर रखा बैग उठाकर बाहर खड़ी कार में बैठकर फरार हो गया। बताया जा रहा है कि बैग में करीब 2400 डॉलर, महंगा लैपटॉप, पासपोर्ट और कई जरूरी दस्तावेज थे। जब पीड़ित वापस बस में पहुंचा तो बैग गायब देखकर उसके होश उड़ गए।
सूत्रों की मानें तो पूरी घटना ढाबे पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो चुकी है और संदिग्ध कार भी स्पष्ट दिखाई दे रही है। इसके बावजूद पुलिस ने लंबे समय तक मामले को सार्वजनिक नहीं होने दिया। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि पुलिस शुरुआत में इस वारदात को सामान्य चोरी बताकर मामला दबाने की कोशिश करती रही, ताकि हाईवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल न उठें।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं बल्कि बेहद संगठित गैंग की करतूत हो सकती है। आशंका जताई जा रही है कि गिरोह ने दिल्ली एयरपोर्ट से ही यात्री की रेकी शुरू कर दी थी और बस का पीछा करते हुए हाईवे तक पहुंचा। जैसे ही बस ढाबे पर रुकी, गैंग ने योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दे दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर स्थित कई ढाबों पर इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं। यात्रियों के बैग, नकदी और कीमती सामान चोरी होने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई के अभाव में अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
घटना ने यूपी रोडवेज बसों की सुरक्षा व्यवस्था और हाईवे पेट्रोलिंग की पोल खोलकर रख दी है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर हाईवे पर सक्रिय इस संगठित गिरोह पर अब तक शिकंजा क्यों नहीं कसा जा सका। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो यह गैंग भविष्य में और बड़ी वारदातों को अंजाम दे सकता है।
फिलहाल रजबपुर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
