थाईलैंड घूमने की योजना बना रहे भारतीय पर्यटकों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है. थाईलैंड सरकार ने भारत को अपनी वीजा-फ्री एंट्री लिस्ट से बाहर कर दिया है. अब भारतीय नागरिकों को थाईलैंड जाने के लिए पहले की तरह बिना वीजा प्रवेश नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें ‘वीजा ऑन अराइवल’ (VoA) या ई-वीजा के जरिए एंट्री लेनी होगी.
थाई कैबिनेट ने 19 मई को नए वीजा नियमों को मंजूरी दी. इसके तहत कोरोना महामारी के बाद शुरू की गई 60 दिनों की वीजा-फ्री सुविधा में बड़ा बदलाव किया गया है. थाईलैंड सरकार का कहना है कि यह फैसला सुरक्षा और आव्रजन से जुड़ी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
नए नियमों के मुताबिक, अब सिर्फ 54 देशों के नागरिकों को 30 दिनों तक वीजा-फ्री एंट्री मिलेगी. वहीं भारत को उन चार देशों की सूची में रखा गया है, जिन्हें ‘वीजा ऑन अराइवल’ श्रेणी में शामिल किया गया है. इस सूची में भारत के अलावा अज़रबैजान, बेलारूस और सर्बिया भी शामिल हैं.
थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने बताया कि नए नियम Royal Gazette में प्रकाशित होने के 15 दिन बाद लागू होंगे. हालांकि, जो यात्री पुराने नियमों के तहत पहले से थाईलैंड में मौजूद हैं या नए नियम लागू होने से पहले यात्रा करेंगे, वे अपनी तय अवधि तक वहां रुक सकेंगे.
सरकार के अनुसार, नए नियम लागू होने के बाद यात्रियों को या तो नई वीजा छूट व्यवस्था, द्विपक्षीय समझौतों या ई-वीजा सिस्टम के जरिए प्रवेश लेना होगा.
दरअसल, जुलाई 2024 में थाईलैंड ने पर्यटन बढ़ाने के लिए भारत समेत 90 से ज्यादा देशों को 60 दिनों तक वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा दी थी. लेकिन हाल के दिनों में विदेशी नागरिकों से जुड़ी अवैध गतिविधियों, ड्रग्स, सेक्स ट्रैफिकिंग और बिना अनुमति कारोबार चलाने जैसे मामलों के बाद सरकार ने नियम सख्त करने का फैसला लिया.
अब भारतीय यात्रियों को थाईलैंड यात्रा से पहले वीजा ऑन अराइवल या ई-वीजा प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
