भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने अपनी ताजा बैठक में रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष FY27 के लिए देश की आर्थिक वृद्धि दर (GDP Growth) का अनुमान 6.9 फीसदी से घटाकर 6.6 फीसदी कर दिया है।
RBI का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। खासतौर पर पश्चिम एशिया में जारी तनाव, अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते टकराव और वैश्विक सप्लाई चेन पर मंडरा रहे खतरे आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और मानसून से जुड़ी अनिश्चितताओं को भी ग्रोथ अनुमान में कटौती की अहम वजह माना गया है।
बीते डेढ़ साल में RBI लगातार ब्याज दरों में राहत देता रहा है। जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच केंद्रीय बैंक कुल 125 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर चुका है। इस दौरान रेपो रेट 6.50 फीसदी से घटकर 5.25 फीसदी तक आ गई। फरवरी और अप्रैल 2025 में 25-25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई थी, जबकि जून 2025 में 50 बेसिस प्वाइंट की बड़ी राहत दी गई। इसके बाद दिसंबर 2025 में भी दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कमी की गई थी।
रेपो रेट स्थिर रहने का सबसे बड़ा फायदा लोन लेने वालों को मिलेगा। होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI में फिलहाल किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं होगी। वहीं नए कर्ज लेने की योजना बना रहे लोगों को भी अपेक्षाकृत कम ब्याज दरों पर लोन मिलने की उम्मीद बनी रहेगी।
दूसरी ओर, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वाले लोगों के लिए भी यह फैसला राहतभरा माना जा रहा है। रेपो रेट में कोई नई कटौती नहीं होने से बैंकों पर तत्काल FD ब्याज दरें घटाने का दबाव नहीं होगा, जिससे निवेशकों को मौजूदा रिटर्न का लाभ मिलता रह सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि RBI का यह कदम आर्थिक विकास और महंगाई नियंत्रण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है। एक तरफ केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों को स्थिर रखकर बाजार को भरोसा दिया है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक हालात पर नजर रखते हुए आर्थिक वृद्धि के अनुमान को थोड़ा कम कर सतर्कता का संकेत भी दिया है। इससे रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल और उपभोक्ता बाजार में मांग को सहारा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
