मुरादाबाद। शहर के चर्चित कोचिंग संस्थान स्कॉलर्स डेन और उसके संचालक विवेक ठाकुर वर्ष 2024 में एक विज्ञापन विवाद को लेकर सुर्खियों में आए थे। यह मामला एक प्रचार अभियान से जुड़ा था, जिसने शिक्षा जगत और कानूनी क्षेत्र में व्यापक चर्चा को जन्म दिया। हालांकि यह विवाद अब समाप्त हो चुका है, लेकिन उस समय यह काफी चर्चित रहा था।
‘सस्ता वाला’ अभियान से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत स्कॉलर्स डेन द्वारा चलाए गए एक प्रचार अभियान से हुई थी। इस अभियान के तहत “सस्ता वाला” संदेश वाले होर्डिंग्स और विज्ञापन विभिन्न स्थानों पर लगाए गए थे। चर्चा का विषय यह रहा कि इनमें से कई होर्डिंग्स एड-टेक कंपनी फिजिक्स वाला और कुछ अन्य कोचिंग संस्थानों के केंद्रों के बाहर या उनके निकट लगाए गए थे। इससे शिक्षा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी विज्ञापन को लेकर बहस छिड़ गई थी।
फिजिक्स वाला ने जताई थी आपत्ति
एड-टेक कंपनी PhysicsWallah ने इन विज्ञापनों पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया था कि यह प्रचार अभियान उसके ब्रांड की पहचान और प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाला है। कंपनी का कहना था कि विज्ञापनों की प्रस्तुति से छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
विवाद बढ़ने पर मामला Delhi High Court पहुंच गया। कंपनी ने अदालत में याचिका दाखिल कर विज्ञापनों और प्रचार सामग्री पर आपत्ति दर्ज कराई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे और मामला न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ा।
मध्यस्थता के लिए भेजा गया प्रकरण
बाद में अदालत ने विवाद के समाधान के लिए मामले को मध्यस्थता (मेडिएशन) की प्रक्रिया में भेज दिया। बताया जाता है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के बाद इस विवाद का समाधान निकाल लिया गया।
शिक्षा क्षेत्र में बनी चर्चा का विषय
यह प्रकरण केवल दो संस्थानों के बीच का विवाद नहीं रहा, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में विज्ञापन की मर्यादा, ब्रांड पहचान और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को लेकर भी चर्चा का विषय बना। विशेषज्ञों का मानना था कि कोचिंग संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा दूसरे संस्थान की प्रतिष्ठा को खराब करने की कोशिश न कर शैक्षणिक गुणवत्ता और परिणामों के आधार पर होनी चाहिए।
अब समाप्त हो चुका है विवाद
बताया जाता है कि करीब दो वर्ष पुराना यह मामला निस्तारित हो चुका है और वर्तमान में इससे संबंधित कोई कानूनी कार्यवाही लंबित नहीं है। इसलिए आज इसे केवल स्कॉलर्स डेन और विवेक ठाकुर से जुड़े एक पुराने एवं चर्चित विज्ञापन विवाद के रूप में ही देखा जाता है@Shantanu/INN
