मुरादाबाद। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की पुनर्परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलने का मामला सामने आया है। अभ्यर्थी का आरोप है कि परीक्षा केंद्र के अधिकारियों द्वारा फोटो लाने के लिए भेजे जाने और गेट खुला रखने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद उसे बाद में परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया, जिससे उसका परीक्षा में शामिल होने का अवसर छिन गया।
अभ्यर्थी ने बताया कि वह पुनर्परीक्षा देने के लिए निर्धारित समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचा था। बायोमेट्रिक सत्यापन (Biometric Verification) की प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों ने उसे बताया कि उसके पास आवश्यक पासपोर्ट साइज फोटो मौजूद नहीं है। अभ्यर्थी के अनुसार, वह फोटो साथ लेकर आया था, लेकिन रास्ते में उसकी जेब से गिर गई थी।
अभ्यर्थी ने कहा, “मैं अपने साथ फोटो लेकर आया था, लेकिन वह मेरी जेब से कहीं गिर गई। जब मैं परीक्षा केंद्र पहुंचा और बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हुई तो अधिकारियों ने बताया कि मेरी फोटो नहीं है। उस समय मुझसे गलती हो गई कि मैंने प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं की। यदि मैं पहले एंट्री करा लेता तो बाद में फोटो जमा कर सकता था।”
उसने आगे बताया कि अधिकारियों ने उसे फोटो लेकर आने के लिए कहा और यह भी भरोसा दिलाया कि तब तक परीक्षा केंद्र का गेट खुला रहेगा। इसी आश्वासन के आधार पर वह फोटो लेने वापस चला गया।
अभ्यर्थी के मुताबिक, “अधिकारियों ने मुझसे कहा था कि फोटो लेकर आ जाओ, गेट खुला रहेगा। उनके आश्वासन पर मैं फोटो लेने चला गया, लेकिन वापस लौटने में थोड़ी देर हो गई। जब मैं केंद्र पहुंचा तो मुझे अंदर प्रवेश नहीं दिया गया।”
इस घटना के बाद अभ्यर्थी और उसके परिजनों में निराशा और नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि यदि केंद्र प्रशासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए जाते या आश्वासन के अनुरूप व्यवस्था की जाती, तो अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो सकता था।
मामले को लेकर परीक्षा केंद्र प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, परीक्षा संबंधी नियमों के अनुसार निर्धारित समय के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश देने पर प्रतिबंध रहता है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम को लेकर जांच और स्पष्टीकरण की मांग उठने लगी है@जफर/INN
