मुरादाबाद। लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुरादाबाद जिला प्रशासन ने जन सुरक्षा को लेकर व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल के निर्देशन में जिले के कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, होटलों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की फायर सेफ्टी व्यवस्था की गहन जांच की जा रही है। अब तक 35 संस्थानों का सुरक्षा ऑडिट पूरा किया जा चुका है, जबकि अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पांडे के नेतृत्व में गठित पांच विशेष टीमें विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की पड़ताल कर रही हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बेसमेंट में अस्पताल, रेस्टोरेंट और कोचिंग संचालन पर रोक
निरीक्षण के दौरान प्रशासन ने पाया कि कई स्थानों पर बेसमेंट का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बेसमेंट में अस्पताल, रेस्टोरेंट और कोचिंग संस्थानों का संचालन सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत जोखिमपूर्ण है। ऐसे मामलों में तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
साथ ही गैस आधारित व्यवस्थाओं के स्थान पर पीएनजी के उपयोग को बढ़ावा देने तथा जर्जर एवं खुली विद्युत वायरिंग को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं।

सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर संस्थान सील
जांच के दौरान एक कोचिंग संस्थान में नेशनल बिल्डिंग कोड-2016 और अग्नि सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन पाया गया। भवन में पर्याप्त फायर फाइटिंग व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी तथा हाइड्रेंट और होजरील सिस्टम भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिले। इस पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से संस्थान को सील कर दिया।
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि स्वीकृत नक्शे से विपरीत निर्माण, पूरी तरह शीशे से ढकी इमारतें तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध विकास प्राधिकरण और संबंधित विभाग सीधे कार्रवाई करेंगे।

250 संचालकों के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक
फायर सेफ्टी अभियान के तहत जिला प्रशासन ने लगभग 250 कोचिंग सेंटर, होटल, लॉन और अन्य संस्थानों के संचालकों के साथ बैठक कर उन्हें सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य में दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है, इसलिए सभी संस्थान समय रहते अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लें।
मॉक ड्रिल और इमरजेंसी तैयारी पर विशेष जोर
प्रशासन ने सभी संस्थानों में फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, अग्निशमन यंत्र और बहुमंजिला भवनों में तड़ित चालक (लाइटनिंग कंडक्टर) लगाने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक परिसर में प्रवेश और निकास मार्ग का स्पष्ट नक्शा तथा पुलिस (112), फायर ब्रिगेड (101) और एंबुलेंस (108) के आपातकालीन नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है।

इसके अलावा कर्मचारियों को नियमित मॉक ड्रिल कराने, अग्निशमन उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण देने और आपदा संबंधी पूर्व सूचना के लिए ‘सचेत ऐप’ का उपयोग करने के लिए भी कहा गया है।
अनाधिकृत निर्माण पर भी होगी कार्रवाई
बैठक में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुभव सिंह ने कहा कि भवन निर्माण के दौरान प्राधिकरण के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। बिना स्वीकृति अथवा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण करने वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।

बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर अंकुर श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ममता मालवीय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे@शांतनु/INN
