मुंबई की चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन में हुई चाकूबाजी की घटना को लेकर पश्चिम रेलवे ने अपनी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी साझा की है। रेलवे के मुताबिक, घटना के बाद रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और मेडिकल टीम ने मिलकर त्वरित कार्रवाई की और घायल यात्री को समय पर अस्पताल पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार, 23 जून की रात चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल (ट्रेन संख्या 90663) में सफर कर रहे 22 वर्षीय मयंक लोहार और एक अन्य यात्री के बीच कोच का दरवाजा बंद करने को लेकर कहासुनी हो गई। भारी बारिश के बीच अंधेरी और बोरीवली स्टेशन के बीच चलती ट्रेन में शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने मयंक पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
रेलवे के अनुसार, रात 11:04 बजे ट्रेन बोरीवली स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर पहुंची। ट्रेन पूरी तरह रुकने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम मात्र तीन मिनट के भीतर संबंधित कोच तक पहुंच गई और घायल यात्री को सहायता उपलब्ध कराई। इसके बाद मेडिकल टीम, स्ट्रेचर और अन्य आवश्यक संसाधन भी मौके पर पहुंचाए गए।
घायल को ट्रेन से सुरक्षित बाहर निकालकर पहले स्टेशन के इमरजेंसी मेडिकल रूम में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे कांदिवली स्थित शताब्दी अस्पताल रेफर कर दिया। एम्बुलेंस के जरिए उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि सुरक्षा बल के जवान भी उसके साथ मौजूद रहे।
पश्चिम रेलवे का कहना है कि सूचना मिलते ही आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली सक्रिय कर दी गई थी और सभी एजेंसियों ने समन्वय के साथ तेजी से काम किया। घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य सुरक्षित कर जांच एजेंसियों को सौंप दिए गए हैं। फिलहाल मामले की जांच जीआरपी कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है।
