मुरादाबाद। स्वीकृत भवन मानचित्र के विपरीत उपयोग किए जाने के मामलों पर प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में बुधवार को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) की टीम ने दिल्ली रोड स्थित एक निजी अस्पताल को सील कर दिया। प्राधिकरण के अनुसार अस्पताल जिस भवन में संचालित किया जा रहा था, उसका स्वीकृत मानचित्र अस्पताल के लिए नहीं बल्कि शोरूम के रूप में स्वीकृत किया गया था।
एमडीए की टीम ने दोपहर बाद मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया। यह भवन दिल्ली रोड पर गुलाब रिसॉर्ट के निकट स्थित है और लंबे समय से अस्पताल के रूप में उपयोग में लिया जा रहा था। जांच के दौरान भवन के उपयोग और स्वीकृत मानचित्र में अंतर पाए जाने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।

मानचित्र और वास्तविक उपयोग में मिला अंतर
प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक संबंधित भवन का नक्शा व्यावसायिक शोरूम के लिए स्वीकृत कराया गया था, जबकि मौके पर उसका उपयोग अस्पताल संचालन के लिए किया जा रहा था। इसके अलावा भवन में स्वीकृत मानचित्र से अलग निर्माण किए जाने की बात भी सामने आई है। इसी आधार पर भवन को सील किया गया।
शहर में ऐसे कई मामलों की चर्चा
कार्रवाई के बाद शहर में भवन उपयोग संबंधी नियमों के पालन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। जानकारों का कहना है कि विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे कई संस्थान संचालित हैं, जिनका वास्तविक उपयोग स्वीकृत मानचित्र से अलग बताया जाता है। आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां, अन्य प्रयोजनों के लिए स्वीकृत भवनों में अस्पताल, कोचिंग सेंटर या अन्य संस्थानों का संचालन लंबे समय से प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।
प्रशासन की सख्ती के बाद बढ़ीं उम्मीदें
हाल के दिनों में भवन सुरक्षा और मानक अनुपालन को लेकर प्रशासन की सक्रियता बढ़ी है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के विपरीत उपयोग किए जा रहे भवनों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विभिन्न विभागों द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण भी किए जा रहे हैं।
चयनात्मक कार्रवाई को लेकर भी उठ रहे सवाल
हालांकि, कार्रवाई के बीच कुछ लोगों ने यह सवाल भी उठाया है कि यदि शहर में ऐसे कई मामले मौजूद हैं तो सभी स्थानों पर समान रूप से कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका कहना है कि नियमों का पालन कराने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए, ताकि किसी प्रकार के भेदभाव या चयनात्मक कार्रवाई की गुंजाइश न रहे।
फिलहाल एमडीए की इस कार्रवाई को भवन उपयोग संबंधी नियमों के अनुपालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे अन्य मामलों पर भी प्रशासन कितना प्रभावी रुख अपनाता है।
