मुरादाबाद। आखिरकार वही हुआ जिसकी लंबे समय से चर्चा थी। कांठ रोड स्थित नई तहसील के समीप संचालित स्कॉलर्स डेन कोचिंग संस्थान पर मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) का शिकंजा कस गया और संस्थान को सील कर दिया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई ने उन तमाम दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके सहारे संस्थान का संचालन किया जा रहा था।

सूत्रों के अनुसार, संस्थान का संचालन बिना आवश्यक मानकों और अनुमतियों के किया जा रहा था। न तो अग्निशमन विभाग की अनिवार्य एनओसी उपलब्ध थी और न ही संबंधित विभागों से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त थीं। लगभग 20 दिन पहले ही एमडीए द्वारा संस्थान के विरुद्ध सीलिंग आदेश जारी किए जा चुके थे, जिसके बाद बुधवार को कार्रवाई अमल में लाई गई।

लखनऊ हादसे के बाद सख्त हुआ प्रशासन
लखनऊ में हाल ही में कोचिंग सेंटर से जुड़े दर्दनाक हादसे के बाद प्रदेश सरकार ने अवैध रूप से संचालित संस्थानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में कोचिंग सेंटरों, अस्पतालों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच चल रही है। इसी क्रम में मुरादाबाद में भी कार्रवाई तेज हुई और स्कॉलर्स डेन इसकी जद में आ गया। दोपहर बाद निकालिए प्राधिकरण की टीम ने लाइन पार, गुरुहट्टी का चराहा, गोकुलदास रोड, और कांठ रोड पर अवैध रूप से संचालित 12 कोचिंग सेंटर्स को सील कर दिया। इसमें प्रमुख रूप से जेनेसिस, फिजिक्सवाला, स्कॉलर्स डेन प्रमुख हैं।

दावे बड़े, दस्तावेज नहीं
शहर में लंबे समय से यह चर्चा रही कि संस्थान प्रबंधन सार्वजनिक मंचों पर सभी आवश्यक अनुमति और एनओसी होने का दावा करता रहा, लेकिन प्राधिकरण की कार्रवाई ने इन दावों की वास्तविकता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। यदि सभी दस्तावेज और अनुमतियां मौजूद थीं, तो फिर सीलिंग की नौबत क्यों आई—यह सवाल अब शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

संचालक पहले से विवादों में
संस्थान के संचालक विवेक ठाकुर पहले भी विभिन्न विवादों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनके खिलाफ अलग-अलग थानों में वित्तीय लेन-देन से जुड़े मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
सिविल लाइंस थाने में दर्ज एक मुकदमे में आरोप है कि एयर टिकट कारोबार से जुड़े भुगतान का विवाद हुआ, जबकि कटघर थाने में दर्ज दूसरे मुकदमे में सिक्योरिटी सेवाओं के भुगतान को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई। इन मामलों में आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। हालांकि एक मामले में उन्हें उच्च न्यायालय से गिरफ्तारी पर अंतरिम राहत प्राप्त होने की जानकारी भी सामने आई है।

कार्रवाई ने दिया स्पष्ट संदेश
एमडीए की कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि नियमों को दरकिनार कर संस्थान चलाने वालों के खिलाफ अब प्रशासन सख्त रुख अपनाएगा। शहर में अवैध निर्माण, बिना एनओसी संचालित संस्थानों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहने की संभावना है@शांतनु/INN
